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भारत में रेयर अर्थ स्थायी चुंबकों के उत्पादन को बढ़ावा देने की योजना

केंद्र सरकार ने रेयर अर्थ से बने स्थायी चुंबकों के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए एक नई योजना की घोषणा की है। इस योजना के तहत, हर साल 6,000 मीट्रिक टन उत्पादन क्षमता विकसित की जाएगी, जिससे इलेक्ट्रिक वाहनों, पवन ऊर्जा संयंत्रों और रक्षा उद्योग को आवश्यक सामग्री उपलब्ध होगी। योजना का उद्देश्य न केवल आयात को कम करना है, बल्कि भारत को इस क्षेत्र में एक मजबूत उत्पादन केंद्र बनाना भी है। जानें इस योजना के बारे में और कैसे यह भारत की औद्योगिक सुरक्षा को मजबूत कर सकती है।
 

रेयर अर्थ स्थायी चुंबकों का महत्व

केंद्र सरकार स्थायी चुंबकों के उत्पादन को बढ़ाने की दिशा में कदम उठा रही है, जो रेयर अर्थ से बनते हैं। इन चुंबकों का उपयोग इलेक्ट्रिक वाहनों, पवन टर्बाइन, उच्च गुणवत्ता वाले इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों, विमानन और रक्षा प्रणालियों में किया जाता है।


उत्पादन क्षमता का विस्तार

सरकारी योजना के अनुसार, देश में हर वर्ष 6,000 मीट्रिक टन रेयर अर्थ स्थायी चुंबक बनाने की क्षमता विकसित की जाएगी। इसके लिए वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बोली के माध्यम से पांच लाभार्थियों का चयन किया जाएगा, जिनमें से प्रत्येक को अधिकतम 1,200 मीट्रिक टन सालाना उत्पादन की अनुमति होगी।


योजना की मंजूरी और वित्तीय प्रावधान

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 26 नवंबर 2025 को इस योजना को स्वीकृति दी थी, जिसके लिए 7,280 करोड़ रुपये का वित्तीय प्रावधान किया गया है। भारी उद्योग मंत्रालय ने 15 दिसंबर 2025 को योजना की अधिसूचना जारी की, और इसके बाद 20 मार्च 2026 को केंद्रीय सार्वजनिक खरीद पोर्टल के माध्यम से प्रस्ताव आमंत्रित किए गए।


योजना की अवधि और प्रोत्साहन

यह योजना कुल सात वर्षों तक चलेगी, जिसमें पहले दो वर्ष उत्पादन इकाइयों की स्थापना में खर्च किए जाएंगे। इसके बाद, पांच वर्षों तक बिक्री के आधार पर प्रोत्साहन प्रदान किया जाएगा, जिससे कंपनियों को केवल कारखाना लगाने के लिए ही नहीं, बल्कि तैयार चुंबकों की बिक्री पर भी सहायता मिलेगी।


चीन की चुनौती और भारत की रणनीति

रेयर अर्थ स्थायी चुंबक आधुनिक उद्योगों के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। इलेक्ट्रिक वाहनों, पवन ऊर्जा संयंत्रों, और रक्षा क्षेत्र में इनकी मांग बढ़ने की उम्मीद है। हालांकि, भारत के लिए सबसे बड़ी चुनौती चीन की मजबूत स्थिति है, जो वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में प्रमुख भूमिका निभाता है।


उत्पादन श्रृंखला का विकास

सरकार अब देश में रेयर अर्थ के कच्चे माल से लेकर तैयार चुंबकों तक की पूरी उत्पादन श्रृंखला विकसित करने की योजना बना रही है। इसका उद्देश्य न केवल आयात को कम करना है, बल्कि भविष्य में भारत को इस क्षेत्र में एक मजबूत उत्पादन केंद्र बनाना भी है।


आर्थिक सुरक्षा और आत्मनिर्भरता

यदि यह योजना समय पर लागू होती है, तो इससे इलेक्ट्रिक वाहन, अक्षय ऊर्जा, इलेक्ट्रॉनिक्स और रक्षा उद्योग को आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। साथ ही, यह योजना बाहरी आपूर्ति में रुकावटों के प्रभाव को कम करने और भारत की औद्योगिक सुरक्षा को मजबूत करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।