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भारत में शहरी सुधारों के लिए एडीबी ने एक अरब डॉलर का ऋण स्वीकृत किया

एशियाई विकास बैंक (एडीबी) ने भारत के शहरी सुधार एजेंडे को समर्थन देने के लिए एक अरब डॉलर का ऋण स्वीकृत किया है। इस ऋण का उद्देश्य शहरों को आर्थिक विकास और नवाचार के केंद्र के रूप में विकसित करना है। इसके साथ ही, एडीबी ने छतों पर सौर ऊर्जा प्रणाली के विस्तार के लिए 85 करोड़ डॉलर का कर्ज भी मंजूरी दी है। यह कार्यक्रम स्वच्छ ऊर्जा की पहुंच को बढ़ाने, महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जलवायु-अनुकूल शहरी पुनर्विकास को बढ़ावा देने और रोजगार के नए अवसर सृजित करने पर केंद्रित है।
 

एशियाई विकास बैंक का नया ऋण

नई दिल्ली, 28 जुलाई: एशियाई विकास बैंक (एडीबी) ने भारत सरकार के शहरी सुधार कार्यक्रम को समर्थन देने के लिए एक अरब डॉलर के ऋण को मंजूरी दी है। इस ऋण का उद्देश्य शहरों को आर्थिक विकास, नवाचार और जीवन की गुणवत्ता में सुधार के केंद्र के रूप में विकसित करना है। इसके साथ ही, मनीला स्थित इस बहुपरकारी वित्तीय संस्थान ने छतों पर सौर ऊर्जा प्रणाली लगाने की योजना के विस्तार के लिए 85 करोड़ डॉलर का कर्ज भी स्वीकृत किया है। इस पहल का लक्ष्य घरों में सस्ती और स्वच्छ ऊर्जा की पहुंच को बढ़ाना और रूफटॉप सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देना है।


शहरी सुधार और निवेश कार्यक्रम

एडीबी ने एक बयान में कहा कि शहरी परिवर्तन और निवेश कार्यक्रम भारत की प्रमुख शहरी चुनौती कोष (यूसीएफ) योजना और उससे जुड़े सुधारों के कार्यान्वयन में सहायता करेगा। इसका उद्देश्य शहरी संस्थानों को सशक्त बनाना, समेकित आर्थिक और स्थानिक नियोजन में सुधार करना और शहरी स्थानीय निकायों की वित्तीय स्थिति को मजबूत करना है। एडीबी ने यह भी बताया कि यह कार्यक्रम जलवायु-अनुकूल शहरी पुनर्विकास को बढ़ावा देगा, जिसमें महिलाओं और लड़कियों की सुरक्षा पर ध्यान दिया जाएगा।


नवीनतम विकास और रोजगार के अवसर

इस कार्यक्रम में परिवहन-केंद्रित विकास और सार्वजनिक स्थलों के बेहतर प्रबंधन को शामिल किया गया है। नगर निकायों के लिए नगर निगम बॉंड और अन्य बाजार आधारित वित्त पोषण के माध्यम से पूंजी जुटाने की योजना है, जिससे शहरी प्रशासन में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ेगी। एडीबी के अनुसार, भारत का आर्थिक परिवर्तन तेजी से शहरीकरण से प्रेरित हो रहा है। देश में नई नौकरियों का लगभग 70 प्रतिशत हिस्सा शहरों से आता है, और उनका सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में योगदान लगभग 63 प्रतिशत है, जो 2030 तक 75 प्रतिशत तक बढ़ने की उम्मीद है।


रूफटॉप सौर ऊर्जा का विस्तार

रूफटॉप सौर ऊर्जा की स्वीकार्यता को बढ़ावा देने के लिए 85 करोड़ डॉलर की ऋण सुविधा पर एडीबी ने कहा कि यह कार्यक्रम भारत में सौर ऊर्जा के बड़े पैमाने पर विस्तार में मदद करेगा। इससे लाखों परिवारों के लिए स्वच्छ ऊर्जा अधिक सस्ती और सुलभ हो सकेगी। एडीबी की क्षेत्रीय निदेशक मियो ओका ने कहा कि यह कार्यक्रम लोगों को केंद्र में रखकर ऊर्जा परिवर्तन को बढ़ावा देगा। इससे ऊर्जा की कीमतों और आपूर्ति संबंधी झटकों का प्रभाव कम होगा, बिजली वितरण प्रणाली मजबूत होगी, हरित रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, और महिलाओं के लिए नए अवसर सृजित होंगे।


प्रशिक्षण और नवोन्मेषी परियोजनाएं

इस कार्यक्रम के तहत कम से कम 6,000 लोगों को प्रशिक्षण और प्रमाणन दिया जाएगा, जिनमें से एक-तिहाई महिलाएं होंगी। इसके अलावा, नए आदर्श सौर गांवों और नवोन्मेषी विकेंद्रीकृत सौर परियोजनाओं को भी बढ़ावा दिया जाएगा। एडीबी के अनुसार, यह कार्यक्रम विक्रेताओं की जवाबदेही बढ़ाने, विकेंद्रीकृत नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी को प्रोत्साहित करने और सौर फोटोवोल्टिक पैनल और बैटरी अपशिष्ट के सुरक्षित निपटान एवं पुनर्चक्रण को भी मजबूत करेगा।