भारती एयरटेल ने प्रीपेड प्लान में बदलाव, नए विकल्पों की शुरुआत
एयरटेल के नए प्रीपेड प्लान की जानकारी
भारती एयरटेल ने अपने प्रीपेड प्लान की संरचना में बदलाव करना शुरू कर दिया है। कंपनी ने 299 रुपये का प्लान समाप्त कर दिया है और उसकी जगह 349 रुपये का नया प्लान पेश किया है। यह परिवर्तन कंपनी की नई मूल्य नीति का एक प्रारंभिक कदम माना जा रहा है.
नए प्लान की विशेषताएँ
349 रुपये के नए प्लान में 28 दिनों के लिए प्रतिदिन दो जीबी डेटा प्रदान किया जाएगा। पहले के 299 रुपये के प्लान में प्रतिदिन डेढ़ जीबी डेटा मिलता था। इस प्रकार, नई योजना में कीमत में लगभग 16 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, लेकिन डेटा की मात्रा भी बढ़ाई गई है.
मौजूदा विकल्पों में कमी
एयरटेल ने 249 रुपये का विकल्प भी हटा दिया है, जिससे कंपनी ने मध्य श्रेणी के कई विकल्पों को कम कर दिया है। वर्तमान में, 199 रुपये का प्रारंभिक प्लान पहले की तरह उपलब्ध है, जिसमें 28 दिनों के लिए कुल दो जीबी डेटा मिलता है। इसके बाद 219 रुपये का विकल्प है, जिसमें 28 दिनों के लिए कुल तीन जीबी डेटा दिया जाता है. इस बदलाव का उद्देश्य प्रीपेड ग्राहकों के लिए रिचार्ज की प्रक्रिया को कम विकल्पों और स्पष्ट कीमतों के साथ सरल बनाना है.
गोपाल विट्टल का दृष्टिकोण
भारती एयरटेल के कार्यकारी उपाध्यक्ष और प्रबंध निदेशक गोपाल विट्टल ने पिछले महीने कंपनी के वित्तीय परिणामों पर चर्चा के दौरान इस तरह के बदलाव की आवश्यकता को रेखांकित किया था। उन्होंने कहा कि टेलीकॉम उद्योग को अपनी मूल्य संरचना पर पुनर्विचार करना आवश्यक है. उनके अनुसार, बहुत कम कीमत पर असीमित डेटा प्रदान करने से प्रति ग्राहक औसत आय बढ़ाने की संभावनाएँ सीमित हो जाती हैं, और यह दीर्घकालिक में कंपनियों के लिए टिकाऊ नहीं है.
भविष्य की संभावनाएँ
गोपाल विट्टल का मानना है कि भारत में आय में वृद्धि के साथ, ग्राहक छोटे डेटा पैक से बड़े डेटा पैक की ओर बढ़ेंगे। इससे कंपनियाँ बिना शुरुआती कीमतों को बढ़ाए अधिक डेटा उपयोग करने वाले ग्राहकों से अधिक राजस्व प्राप्त कर सकेंगी. यह अगले पांच से सात वर्षों में प्रति ग्राहक औसत आय को बढ़ाने में मदद कर सकता है.
टेलीकॉम कंपनियों का दबाव
टेलीकॉम कंपनियाँ लंबे समय से प्रति ग्राहक औसत आय बढ़ाने के प्रयास कर रही हैं। 5जी मोबाइल सेवाओं के लिए बड़े निवेश और नेटवर्क रखरखाव के बढ़ते खर्च के कारण कंपनियों पर आय बढ़ाने का दबाव है. विश्लेषकों का अनुमान है कि इस वर्ष टेलीकॉम कंपनियों को अपनी सेवाओं पर 10 से 15 प्रतिशत तक शुल्क बढ़ाने की आवश्यकता हो सकती है.
अन्य कंपनियों पर प्रभाव
एयरटेल के इस कदम के बाद, वोडाफोन आइडिया जैसी अन्य निजी टेलीकॉम कंपनियाँ भी इसी तरह की रणनीति अपना सकती हैं। यदि ऐसा होता है, तो रिचार्ज योजनाओं का ढांचा धीरे-धीरे बदल सकता है. एयरटेल का प्रयास यह है कि सस्ते प्रारंभिक विकल्पों को बनाए रखते हुए अधिक डेटा उपयोग करने वाले ग्राहकों से अधिक आय प्राप्त की जाए, जिससे कंपनी की आय बढ़ाने और नेटवर्क में बड़े निवेश को बनाए रखने में मदद मिलेगी.