भारतीय रियल एस्टेट बाजार में बिक्री में गिरावट का संकेत
रियल एस्टेट बाजार में ठहराव
भारतीय रियल एस्टेट क्षेत्र, जो हाल के वर्षों में अभूतपूर्व वृद्धि का अनुभव कर रहा था, अब ठहराव की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा है। संपत्ति परामर्श फर्म नाइट फ्रैंक की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2026 की पहली तिमाही (जनवरी-मार्च) में देश के आठ प्रमुख शहरों में आवासीय संपत्तियों की बिक्री में 4 प्रतिशत की कमी आई है।
बिक्री में गिरावट के आंकड़े
नाइट फ्रैंक द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, आवासीय बिक्री जनवरी-मार्च 2025 में 88,361 इकाइयों तक पहुंची थी। इस दौरान मुंबई, दिल्ली-एनसीआर और पुणे में बिक्री में कमी आई, जबकि बेंगलुरु, हैदराबाद, चेन्नई, अहमदाबाद और कोलकाता में वृद्धि देखी गई। नाइट फ्रैंक इंडिया के अंतरराष्ट्रीय साझेदार, चेयरमैन और प्रबंध निदेशक शिशिर बैजल ने कहा कि आवासीय मांग में कमी पर ध्यान देना आवश्यक है, क्योंकि पिछले कई वर्षों से बाजार में निरंतर वृद्धि हो रही थी।
आवासीय मांग में सुस्ती के कारण
बैजल ने कहा, ‘‘हालांकि यह मजबूत वृद्धि के बाद आंशिक रूप से स्वाभाविक स्थिरता हो सकती है, लेकिन कीमतों में लगातार वृद्धि और बिक्री की मात्रा में कमी से खरीद क्षमता और मांग पर दबाव बढ़ने का संकेत मिलता है।’’ उन्होंने यह भी बताया कि भू-राजनीतिक अस्थिरता के कारण आवासीय मांग में सुस्ती आई है।
शहरों के बीच बिक्री का अंतर
आंकड़ों के अनुसार, मुंबई में जनवरी-मार्च के दौरान आवासीय बिक्री 7 प्रतिशत घटकर 23,185 इकाई रह गई। दिल्ली-एनसीआर में यह 11 प्रतिशत घटकर 12,734 इकाई और पुणे में 11 प्रतिशत की कमी के साथ 12,711 इकाई रही।
बेंगलुरु में आवासीय बिक्री 5 प्रतिशत बढ़कर 13,092 इकाई हो गई। हैदराबाद में 1 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 9,541 इकाई और चेन्नई में 9 प्रतिशत की बढ़त के साथ 4,763 इकाई दर्ज की गई। अहमदाबाद में बिक्री 2 प्रतिशत बढ़कर 4,758 इकाई और कोलकाता में 5 प्रतिशत बढ़कर 4,043 इकाई रही।
नाइट फ्रैंक के अनुसार, जनवरी-मार्च की अवधि में नई आवासीय आपूर्ति भी सालाना आधार पर 2 प्रतिशत घटकर 94,855 इकाई रह गई।