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भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले मजबूत, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का असर

भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले लगातार मजबूती दिखा रहा है, जो कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और वैश्विक संकेतों के कारण संभव हुआ है। मंगलवार को, रुपया 5 पैसे की बढ़त के साथ 94.53 के स्तर पर पहुंच गया। इस बीच, घरेलू शेयर बाजारों में भी सकारात्मक गतिविधियां देखी जा रही हैं। जानें इस स्थिति का बाजार पर क्या प्रभाव पड़ा है और निवेशकों की गतिविधियों के बारे में।
 

रुपये में लगातार मजबूती

वैश्विक स्तर पर मिल रहे सकारात्मक संकेतों और कच्चे तेल की कीमतों में कमी के कारण भारतीय रुपया लगातार दूसरे दिन मजबूत हुआ है। मंगलवार को शुरुआती कारोबार में, रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 5 पैसे की बढ़त के साथ 94.53 के स्तर पर पहुंच गया। विदेशी मुद्रा व्यापारियों का कहना है कि पश्चिम एशिया में तनाव में कमी आई है, जिससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर खतरा काफी हद तक टल गया है। इस भू-राजनीतिक स्थिरता ने घरेलू मुद्रा के लिए एक सकारात्मक माहौल तैयार किया है।


बाजार की स्थिति

विदेशी मुद्रा व्यापारियों के अनुसार, पश्चिम एशिया में तनाव कम होने के बाद वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर खतरा काफी हद तक कम हुआ है। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में, रुपया 94.69 प्रति डॉलर पर खुला। शुरुआती कारोबार में, यह 94.53 प्रति डॉलर तक पहुंच गया, जो इसके पिछले बंद भाव से 5 पैसे की वृद्धि दर्शाता है। सोमवार को, रुपया 60 पैसे की मजबूती के साथ 94.58 पर बंद हुआ था।


शेयर बाजार की गतिविधियां

इस बीच, घरेलू शेयर बाजारों में सेंसेक्स 272.87 अंक की वृद्धि के साथ 76,537.20 अंक पर और निफ्टी 69.15 अंक की बढ़त के साथ 23,921.55 अंक पर रहा। अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड का भाव 0.24 प्रतिशत की गिरावट के साथ 82.97 डॉलर प्रति बैरल के आसपास रहा। शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) ने सोमवार को 200.05 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।