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भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले 88 के स्तर को पार करता है

भारतीय रुपया पहली बार डॉलर के मुकाबले 88 के स्तर को पार कर गया है, जो कि एक नया रिकॉर्ड है। अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा नई टैरिफ दरों की घोषणा के बाद से रुपये में लगातार गिरावट देखी जा रही है। शुक्रवार को, रुपया 64 पैसे गिरकर 88.29 रुपए प्रति डॉलर के स्तर पर पहुंच गया। जानें इस गिरावट के पीछे के कारण और इसके आर्थिक प्रभाव के बारे में।
 

भारतीय मुद्रा में गिरावट का नया रिकॉर्ड


भारतीय रुपया पहली बार 88 के स्तर को पार कर गया है।


बिजनेस न्यूज़ अपडेट: भारतीय मुद्रा में डॉलर के मुकाबले गिरावट का सिलसिला जारी है। अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा नई टैरिफ दरों की घोषणा के बाद से रुपया लगातार कमजोर होता जा रहा है। शुक्रवार को भी यह गिरावट जारी रही, जब भारतीय रुपया एक दिन में 64 पैसे गिरकर 88 रुपए प्रति डॉलर के ऐतिहासिक निचले स्तर पर पहुंच गया। विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका के टैरिफ के कारण यह गिरावट आई है।


रुपये की वर्तमान स्थिति

कारोबार के दौरान, रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 64 पैसे गिरकर 88.29 रुपए प्रति डॉलर के स्तर पर पहुंच गया। हालांकि, दोपहर 2:10 बजे तक रिजर्व बैंक ने डॉलर बेचकर रुपये को थोड़ा सहारा दिया, जिससे यह 88.12 पर ट्रेड करने लगा। कारोबार के अंत में, यह 20 पैसे की गिरावट के साथ 87.85 रुपए प्रति डॉलर पर बंद हुआ।


फरवरी में भी गिरावट का सामना

इससे पहले, फरवरी में रुपया 87.95 प्रति डॉलर के स्तर पर पहुंच गया था। 2025 में अब तक, रुपया 3% कमजोर हो चुका है, जिससे यह एशिया की सबसे खराब प्रदर्शन करने वाली मुद्रा बन गई है। शुक्रवार को, रुपया चीनी युआन के मुकाबले भी रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया। विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिका द्वारा भारतीय सामानों पर लगाए गए भारी टैरिफ भारत की आर्थिक वृद्धि और विदेशी व्यापार को नुकसान पहुंचाएंगे। इस हफ्ते, अमेरिका ने भारतीय सामानों पर 25% अतिरिक्त टैरिफ लगाया है, जिससे भारत को कुल 50% टैरिफ का सामना करना पड़ रहा है।