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भारतीय रुपये में मजबूती: डॉलर के मुकाबले 29 पैसे की वृद्धि

भारतीय रुपये ने शुक्रवार को डॉलर के मुकाबले 29 पैसे की वृद्धि दर्ज की, जो 92.85 के स्तर पर बंद हुआ। इस वृद्धि का कारण अमेरिका-ईरान के बीच संघर्ष के समाप्त होने की संभावनाएं और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट है। वहीं, सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट आई है, जबकि शेयर बाजार में तेजी देखने को मिली है। जानें इस स्थिति के पीछे के कारण और बाजार की अन्य गतिविधियों के बारे में।
 

भारतीय मुद्रा की स्थिति


भारतीय रुपये की मजबूती


अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष के समाप्त होने की संभावनाओं के चलते बाजार में सकारात्मक बदलाव देखने को मिला है। इस उम्मीद ने न केवल वैश्विक बाजारों में तेजी लाई, बल्कि भारतीय शेयर बाजार और मुद्रा को भी मजबूती प्रदान की। शुक्रवार को, रुपये ने डॉलर के मुकाबले 29 पैसे की वृद्धि के साथ 92.85 (अस्थायी) पर बंद किया। अमेरिकी मुद्रा की कमजोरी और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के साथ-साथ भू-राजनीतिक तनाव में कमी की उम्मीदों ने रुपये को मजबूती दी।


विदेशी मुद्रा व्यापारियों की राय

विदेशी मुद्रा व्यापारियों के अनुसार, घरेलू शेयर बाजारों में नई खरीदारी और विदेशी निवेश के प्रवाह ने भी रुपये को समर्थन दिया। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में रुपये की शुरुआत 92.93 पर हुई और यह 92.65 के उच्चतम स्तर तक पहुंचा। सत्र के अंत में, रुपये ने 92.98 के न्यूनतम स्तर को छुआ और अंततः 92.85 (अस्थायी) पर बंद हुआ, जो पिछले स्तर से 29 पैसे अधिक है।


सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट

अक्षय तृतीया के त्योहार के नजदीक होने के बावजूद, घरेलू उपभोक्ताओं में सोने और चांदी की खरीदारी की मांग कम रही, जिसके कारण इनकी कीमतों में गिरावट आई। जानकारों के अनुसार, घरेलू बाजार में मांग की कमी और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों में गिरावट के कारण यह स्थिति बनी। शुक्रवार को, दिल्ली में चांदी की कीमतों में 5,700 रुपये की कमी आई, जबकि सोने की कीमतें भी 1,600 रुपये तक गिर गईं।


शेयर बाजार में तेजी

शुक्रवार को, 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 504.86 अंक या 0.65 प्रतिशत बढ़कर 78,493.54 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 156.80 अंक या 0.65 प्रतिशत बढ़कर 24,353.55 पर पहुंच गया। एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने गुरुवार को 382.36 करोड़ रुपये के शेयर खरीदकर शुद्ध खरीदारी की।