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भारतीय शेयर बाजार में गिरावट: कच्चे तेल की कीमतों और विदेशी बिकवाली का असर

भारतीय शेयर बाजार ने शुक्रवार को कमजोर शुरुआत की, जिसमें सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट आई। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और विदेशी निवेशकों की बिकवाली ने बाजार पर दबाव डाला। मझोली और छोटी कंपनियों के शेयर भी प्रभावित हुए हैं। जानें इस गिरावट के पीछे के कारण और इसके संभावित प्रभाव।
 

शेयर बाजार की कमजोर शुरुआत

भारतीय शेयर बाजार ने शुक्रवार को कमजोर शुरुआत की, जहां बाजार खुलते ही बिकवाली का दौर शुरू हो गया। सेंसेक्स 700 अंक से अधिक गिरकर 74,200.96 पर पहुंच गया, जो 0.94 प्रतिशत की कमी दर्शाता है। इसी समय, निफ्टी भी 23,250 के स्तर से नीचे गिरकर 23,237.75 पर आ गया, जिसमें 1.02 प्रतिशत की गिरावट आई।


मझोली और छोटी कंपनियों पर दबाव

बिकवाली का असर केवल बड़ी कंपनियों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि मझोली और छोटी कंपनियों के शेयरों में भी गिरावट देखी गई। निफ्टी नेक्स्ट 50 में लगभग 1.45 प्रतिशत की कमी आई, जबकि निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 क्रमशः 1.28 प्रतिशत और 1.22 प्रतिशत नीचे रहे।


कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि

शेयर बाजार में गिरावट का मुख्य कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेजी मानी जा रही है। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के चलते ब्रेंट कच्चा तेल 108 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है। लाल सागर और होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव के कारण तेल की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका है।


रुपये पर दबाव

कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का असर भारतीय रुपये पर भी पड़ा है। शुक्रवार को रुपया 18 पैसे गिरकर 95.70 रुपये प्रति डॉलर पर खुला। इससे आयात खर्च बढ़ सकता है और महंगाई की चिंता भी बढ़ सकती है।


दुनिया के अन्य बाजारों में गिरावट

भारतीय बाजार के अलावा, एशिया के अन्य शेयर बाजारों में भी गिरावट देखी गई। जापान का निक्केई और दक्षिण कोरिया का कोस्पी क्रमशः 2.6 प्रतिशत और 2.7 प्रतिशत तक नीचे रहे।


अमेरिका में ब्याज दरों की चिंता

अमेरिका में सरकारी बॉंड पर ब्याज दर तेजी से बढ़ रही है। 10 साल की अमेरिकी सरकारी बॉंड पर ब्याज दर 4.9708 प्रतिशत तक पहुंच गई है, जो तीन साल का उच्चतम स्तर है।


विदेशी निवेशकों की बिकवाली

भारतीय शेयर बाजार पर विदेशी निवेशकों की बिकवाली का दबाव बना हुआ है। गुरुवार को विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयरों में लगभग 438 करोड़ रुपये की बिकवाली की।


धातु और रियल्टी शेयरों में गिरावट

आज की गिरावट में धातु, रियल्टी, वित्तीय सेवाएं, वाहन और उपभोक्ता टिकाऊ सामान बनाने वाली कंपनियों के शेयरों में खास दबाव देखा गया।


सूचना प्रौद्योगिकी कंपनियों की चिंता

हालांकि सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र के शेयर कुछ मजबूत दिखाई दे रहे हैं, लेकिन अमेरिका में एच-1बी वीजा से जुड़े नियमों में बदलाव का प्रस्ताव भारतीय कंपनियों के लिए चिंता का विषय बन सकता है।


गिरावट के कारण

शुक्रवार की गिरावट के पीछे कई कारण हैं, जैसे पश्चिम एशिया में तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि, रुपये की कमजोरी, विदेशी निवेशकों की बिकवाली और अमेरिका में बढ़ती ब्याज दरें।