भारतीय शेयर बाजार में गिरावट, कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि का असर
भारतीय शेयर बाजार में बिकवाली का दबाव
18 अगस्त, 2026 को वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों और कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि के चलते भारतीय शेयर बाजार में बिकवाली का दबाव देखा गया। प्रमुख बेंचमार्क सूचकांक, सेंसेक्स और निफ्टी, गिरावट के साथ लाल निशान में खुले। इस मंदी का मुख्य कारण अमेरिका-ईरान सीज़फायर का समाप्त होना और होर्मुज़ जलडमरूमध्य के फिर से खुलने की अनिश्चितता है।
कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि
कच्चे तेल की कीमतों में फिर से बढ़ोतरी हुई है, क्योंकि अमेरिका-ईरान सीज़फायर खत्म हो गया है और होर्मुज़ जलडमरूमध्य के फिर से खुलने की उम्मीदें कम हो गई हैं। 30-शेयर वाला BSE सेंसेक्स 309.19 अंक या 0.39 प्रतिशत गिरकर 77,418.97 पर खुला, जबकि निफ्टी 63.8 अंक गिरकर 24,223.85 पर खुला।
पिछले ट्रेडिंग सेशन का प्रदर्शन
पिछले ट्रेडिंग सेशन में, सेंसेक्स 77,728.16 पर और निफ्टी 50 24,287.65 पर बंद हुआ था। हालांकि, शुरुआती ट्रेडिंग सेशन में बड़े इंडेक्स मिले-जुले रहे। BSE मिडकैप सेलेक्ट इंडेक्स 10.28 अंक गिरा, जबकि BSE स्मॉलकैप सेलेक्ट इंडेक्स 24.22 अंक या 0.27 प्रतिशत बढ़कर 9,146.19 पर हरे निशान में ट्रेड कर रहा था। शुरुआती कारोबार में मार्केट का रुख सकारात्मक रहा; NSE पर 1,461 शेयरों में बढ़त देखी गई, जबकि 1,165 शेयरों में गिरावट आई।
एशियाई बाजारों की स्थिति
मंगलवार को एशियाई शेयरों में गिरावट आई, क्योंकि कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और महंगाई की चिंताओं ने कुछ बाजारों पर असर डाला। अमेरिकी शेयर भी अपने रिकॉर्ड हाई से थोड़ा नीचे आ गए।