भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का सिलसिला जारी, कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि का असर
भारतीय शेयर बाजार में गिरावट
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में अचानक आई वृद्धि के कारण भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का क्रम बृहस्पतिवार को चौथे दिन भी जारी रहा। वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता और विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की लगातार बिकवाली के कारण दलाल स्ट्रीट पर सुस्ती बनी रही।
सेंसेक्स और निफ्टी का प्रदर्शन
कारोबार के अंत में बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 363.66 अंक यानी 0.47 प्रतिशत की गिरावट के साथ 76,391.39 अंक पर बंद हुआ। ट्रेडिंग के दौरान, सेंसेक्स में 603.07 अंकों की गिरावट देखी गई, जो इसे 76,151.98 अंक के निचले स्तर तक ले गई। इसी तरह, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 126.65 अंक यानी 0.53 प्रतिशत गिरकर 23,869.60 अंक पर बंद हुआ।
कंपनियों का प्रदर्शन
सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में अदाणी पोर्ट्स, बजाज फाइनेंस, इंटरग्लोब एविएशन, एक्सिस बैंक, भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) और टाटा स्टील के शेयरों में प्रमुख गिरावट आई। वहीं, महिंद्रा एंड महिंद्रा, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस), इटर्नल और बजाज फिनसर्व के शेयर लाभ में रहे। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड की कीमत 4.52 प्रतिशत बढ़कर 98.32 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई।
निवेशकों की धारणा
ऑनलाइन ट्रेडिंग कंपनी एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर ने बताया कि अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि और वैश्विक स्तर पर एआई निवेश को लेकर चिंताओं ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया। शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने बुधवार को 819.20 करोड़ रुपये के शेयरों की शुद्ध बिकवाली की।
एशिया और यूरोप के बाजारों का हाल
जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा कि वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति में संभावित बाधाओं के कारण कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंचने से निवेशकों की धारणा महंगाई और कंपनियों के मुनाफे पर पड़ने वाले प्रभाव से प्रभावित हुई है। एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, जापान का निक्की, चीन का शंघाई एसएसई कम्पोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग बढ़त में रहे। हालांकि, यूरोप के प्रमुख बाजारों में गिरावट का रुख रहा।