भारतीय शेयर बाजार में गिरावट: जानें इसके पीछे की प्रमुख वजहें
शेयर बाजार में गिरावट का कारण
आज भारतीय शेयर बाजार ने शुरुआती बढ़त को बनाए रखने में असफलता दिखाई और मुनाफावसूली के चलते लाल निशान में चला गया। एक समय सेंसेक्स 600 अंक ऊपर चढ़ गया था और निफ्टी ने 24,200 का स्तर पार किया था, लेकिन दोपहर के सत्र में बाजार ने ऊपरी स्तरों से गिरावट के साथ स्थिरता दिखाई।
दोपहर 1:10 बजे सेंसेक्स में 34.73 अंक की मामूली बढ़त देखी गई, जो 77,089.67 पर था, जबकि निफ्टी 4 अंक की गिरावट के साथ 24,048.05 पर कारोबार कर रहा था। कुल 2,018 शेयरों में तेजी आई, जबकि 1,720 शेयरों में गिरावट आई। इस दौरान एफएमसीजी, आईटी, मेटल, मीडिया और रियल्टी शेयरों में सबसे अधिक बिकवाली का दबाव रहा।
गिरावट के प्रमुख कारण
1. मुनाफावसूली का दबाव
विशेषज्ञों के अनुसार, शुरुआती तेजी के बाद निवेशकों ने ऊपरी स्तरों पर मुनाफावसूली करना उचित समझा। निफ्टी 24,200 के महत्वपूर्ण रेजिस्टेंस स्तर को पार नहीं कर सका, जिससे व्यापारियों ने ऊंचे भावों पर बिकवाली शुरू कर दी।
2. अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ता तनाव
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव बाजार पर भारी दबाव बना रहा है। दोनों देशों के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण को लेकर संघर्ष जारी है, जिसके कारण वैश्विक बाजार में ब्रेंट कच्चे तेल की कीमत 1.1% बढ़कर 85.7 डॉलर प्रति बैरल हो गई है।
हालिया रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान के खिलाफ एक बड़े सैन्य अभियान पर चर्चा की। इस बैठक में कई शीर्ष अमेरिकी अधिकारी शामिल थे, और ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है कि उसे समझौता करना होगा, अन्यथा उसके अस्तित्व को खतरा हो सकता है। इस बयान ने निवेशकों में घबराहट बढ़ा दी है।
3. तकनीकी कारण
मार्केट विशेषज्ञों का कहना है कि तकनीकी दृष्टि से बाजार इस समय स्पष्ट दिशा में नहीं चल रहा है। ट्रेडर्स किसी एक दिशा में ब्रेकआउट का इंतजार कर रहे हैं।
कोटक सिक्योरिटीज के रिसर्च हेड ने बताया कि निफ्टी के लिए 24,000 और सेंसेक्स के लिए 77,000 का स्तर मजबूत सपोर्ट जोन है। यदि निफ्टी 24,000 के नीचे जाता है, तो गिरावट और तेज हो सकती है। वहीं, तेजी के लिए निफ्टी को 24,150 के ऊपर निकलना आवश्यक है।
एक्सिस डायरेक्ट के रिसर्च हेड का मानना है कि निफ्टी के लिए 24,200 का स्तर एक बड़ी रुकावट है। 20-दिनों के मूविंग एवरेज 24,000 पर बड़ा सपोर्ट है, जिसके टूटने पर कमजोरी 23,900 तक बढ़ सकती है। आने वाले दिनों में कच्चे तेल की कीमतें और होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति बाजार की दिशा तय करेंगी।
चॉइस ब्रोकिंग के अनुसार, निफ्टी की इमीडिएट ट्रेडिंग रेंज 23,900 से 24,250 के बीच है। जब तक कोई नया बड़ा ट्रिगर सामने नहीं आता, बाजार इसी दायरे में सीमित रहेगा।