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भारतीय शेयर बाजार में गिरावट: निवेशकों की चिंता बढ़ी

भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को तेज गिरावट आई है, जो कमजोर वैश्विक संकेतों और आईटी शेयरों में बिकवाली के कारण हुई। निवेशकों की चिंता बढ़ गई है, खासकर अमेरिका-ईरान तनाव के चलते। पिछले तीन दिनों की तेजी के बाद मुनाफावसूली ने भी बाजार को प्रभावित किया है। जानें इस गिरावट के पीछे के कारण और बाजार की वर्तमान स्थिति के बारे में।
 

शेयर बाजार में गिरावट का सामना


मुंबई: बुधवार की सुबह भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट देखी गई। वैश्विक बाजारों की कमजोरी, अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव और आईटी शेयरों में बिकवाली ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया। पिछले तीन दिनों की तेजी के बाद मुनाफावसूली ने भी बाजार पर दबाव डाला। सुबह लगभग 10:20 बजे सेंसेक्स 825 अंक गिरकर 78,448 पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 220 अंक की गिरावट के साथ 24,357 पर कारोबार करता नजर आया।


वैश्विक संकेतों से बढ़ी चिंता

एशियाई बाजारों में कमजोरी का माहौल रहा, और अमेरिकी शेयर बाजार भी पिछले दिन गिरावट के साथ बंद हुए। मध्य पूर्व में तनाव के नए संकेतों ने वैश्विक निवेशकों को सतर्क कर दिया। बेहतर कॉरपोरेट नतीजों की उम्मीद के बावजूद भू-राजनीतिक तनाव ने बाजार की स्थिति को प्रभावित किया, जिसका असर भारतीय बाजार पर भी स्पष्ट रूप से देखा गया।


आईटी शेयरों में भारी बिकवाली

आईटी क्षेत्र में सबसे अधिक दबाव देखने को मिला, जहां निफ्टी आईटी इंडेक्स 3.7 प्रतिशत से अधिक गिर गया। एचसीएल टेक में 9.6 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई। कमजोर आउटलुक के कारण इंफोसिस, टीसीएस और टेक महिंद्रा जैसे प्रमुख शेयरों में भी बिकवाली बढ़ी, जिससे बाजार पर अतिरिक्त दबाव पड़ा।


कच्चे तेल की कीमतें ऊंचे स्तर पर

हालांकि कच्चे तेल की कीमतों में थोड़ी नरमी आई है, लेकिन दाम अभी भी 98 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बने हुए हैं। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और अमेरिका-ईरान के हालात को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। ऊंचे तेल दाम भारत जैसे आयातक देशों के लिए चिंता का विषय हैं, जिससे बाजार की भावना प्रभावित हुई है।


हालिया तेजी के बाद मुनाफावसूली

पिछले तीन कारोबारी सत्रों में बाजार लगातार मजबूत रहा था। पिछले सत्र में निफ्टी 200 अंक से अधिक चढ़ा था। ऐसे में ऊंचे स्तरों पर निवेशकों ने मुनाफावसूली की। विश्लेषकों का मानना है कि हालिया तेजी के बाद बाजार में थोड़ी ठहराव की स्थिति स्वाभाविक है।


अस्थिरता बढ़ी, सतर्क निवेशक

निवेशकों की घबराहट का संकेत देने वाला इंडिया VIX 6.6 प्रतिशत बढ़कर 18.69 पर पहुंच गया। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, निफ्टी के लिए 24,550-24,600 के बीच मजबूत रुकावट है, जबकि 24,400-24,300 तत्काल समर्थन क्षेत्र माना जा रहा है। इसके नीचे गिरने पर और कमजोरी बढ़ सकती है।