भारतीय शेयर बाजार में गिरावट: निवेशकों की चिंताएं बढ़ीं
भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का कारण
सोमवार को भारतीय शेयर बाजार ने कारोबार की शुरुआत में ही भारी गिरावट का सामना किया। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और असफल शांति वार्ता के चलते निवेशकों में सतर्कता बढ़ गई है। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही सूचकांकों में शुरुआती समय में बड़ी बिकवाली देखने को मिली।
सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट
आज, 13 अप्रैल को, सेंसेक्स 75,937.16 के स्तर पर खुला और तुरंत 1,613 अंकों की गिरावट का सामना किया। इसी तरह, निफ्टी 23,589.60 पर खुला और 495 अंकों की कमी के साथ 23,555.60 तक गिर गया। इस गिरावट के चलते निवेशकों की संपत्ति में लगभग 7.27 लाख करोड़ रुपये की कमी आई।
गिरावट के पीछे का कारण
इस गिरावट का मुख्य कारण अमेरिका और ईरान के बीच असफल शांति वार्ता को बताया जा रहा है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने पाकिस्तान में कहा कि 21 घंटे की बातचीत के बावजूद कोई सकारात्मक परिणाम नहीं निकला। ईरानी अधिकारियों ने इस स्थिति के लिए अमेरिकी पक्ष को जिम्मेदार ठहराया।
अमेरिकी मीडिया की रिपोर्टों के अनुसार, ट्रंप प्रशासन की नौसेना आज से महत्वपूर्ण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी शुरू करने जा रही है, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है और कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं।
पिछले सप्ताह का प्रदर्शन
पिछले कारोबारी सप्ताह में शेयर बाजार ने शानदार प्रदर्शन किया था। सेंसेक्स में 4,230.7 अंक यानी 5.77 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी, जबकि निफ्टी 1,337.5 अंक यानी 5.88 प्रतिशत चढ़ा था। हालांकि, आज एशियाई बाजारों में भी भारी गिरावट देखी गई है। जापान का निक्केई, दक्षिण कोरिया का कॉस्पी और हांगकांग का हैंग सेंग 1 प्रतिशत से अधिक गिरे हैं। ताइवान वेटेड और शंघाई कंपोजिट भी लाल निशान में कारोबार कर रहे हैं। कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के चलते भारतीय रुपया भी कमजोर हुआ है।
विशेषज्ञों की राय
विश्लेषकों का मानना है कि यदि अमेरिका-ईरान तनाव बढ़ता है, तो कच्चे तेल की कीमतें और भी बढ़ सकती हैं, जिससे भारतीय शेयर बाजार और मुद्रा पर और दबाव पड़ सकता है। निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। बाजार की आगे की दिशा अब आगामी घटनाक्रमों पर निर्भर करेगी।