×

भारतीय शेयर बाजार में गिरावट: निवेशकों को 12 लाख करोड़ का नुकसान

शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार ने गिरावट का सामना किया, जिसमें सेंसेक्स और निफ्टी दोनों लाल निशान में बंद हुए। निवेशकों को पिछले सप्ताह में 12 लाख करोड़ का नुकसान हुआ, जो पिछले पांच महीनों में सबसे बड़ा है। जानें किन क्षेत्रों में गिरावट आई और कौन से शेयरों ने अच्छा प्रदर्शन किया।
 

शेयर बाजार का हाल

मुंबई - शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार ने लाल निशान में कारोबार समाप्त किया। अधिकांश सूचकांक नकारात्मक रहे। कारोबार के अंत में, सेंसेक्स 270.92 अंक या 0.34 प्रतिशत की गिरावट के साथ 78,809.65 पर और निफ्टी 74.05 अंक या 0.30 प्रतिशत की कमी के साथ 24,426.85 पर बंद हुआ।


लार्जकैप के साथ-साथ मिडकैप और स्मॉलकैप में भी गिरावट देखी गई। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 320.10 अंक या 0.57 प्रतिशत की कमी के साथ 55,727.40 पर और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 67.35 अंक या 0.39 प्रतिशत की गिरावट के साथ 17,227.00 पर रहा। बाजार के अधिकांश सूचकांक नकारात्मक बंद हुए, जिसमें ऑटो, आईटी, रियल्टी और ऑयल एंड गैस इंडेक्स में सबसे अधिक गिरावट आई। हालांकि, एफएमसीजी, मीडिया, डिफेंस और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स इंडेक्स हरे निशान में बंद हुए।


निवेशकों के लिए कठिन सप्ताह

शेयर बाजार में 5 महीने की सबसे बड़ी गिरावट- 12 लाख करोड़ का नुकसान
बीते सप्ताह भारतीय शेयर बाजार के निवेशकों के लिए बेहद कठिन रहा। 25 अगस्त को मार्केट कैपिटलाइजेशन 4,55,41,312.90 करोड़ था, जो 29 अगस्त को घटकर 4,43,41,862.39 करोड़ पर आ गया। इस प्रकार, केवल चार ट्रेडिंग सत्रों में निवेशकों को लगभग 11,99,450.51 करोड़ का नुकसान हुआ।


सेंसेक्स पैक में आईटीसी, बीईएल, ट्रेंट, एलएंडटी, कोटक महिंद्रा बैंक, एशियन पेंट्स, अल्ट्राटेक सीमेंट, टाटा स्टील, सनफार्मा, एचसीएल टेक, भारती एयरटेल और पावर ग्रिड जैसे शेयरों ने अच्छा प्रदर्शन किया। वहीं, एमएंडएम, रिलायंस इंडस्ट्रीज, इन्फोसिस, एनटीपीसी, टाटा मोटर्स, टेक महिंद्रा, एचडीएफसी बैंक और एक्सिस बैंक ने नुकसान उठाया। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के रिसर्च हेड विनोद नायर ने कहा कि अमेरिकी टैरिफ के प्रभाव को समझने की कोशिशों के बीच निवेशकों की धारणा सतर्क रही। इस मुद्दे के बने रहने से कुछ क्षेत्रों में भारत के निर्यात की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ने की संभावना है। आज इक्विटी बेंचमार्क का प्रदर्शन कमजोर रहा, खासकर मिड-कैप और स्मॉल-कैप सेगमेंट में। इसके विपरीत, जीएसटी दरों को युक्तिसंगत बनाने और मजबूत उपभोक्ता मांग की उम्मीदों के चलते एफएमसीजी शेयरों में तेजी बनी रही। भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत तेजी के साथ हुई थी, जिसमें निफ्टी 50 इंडेक्स 36 अंक या 0.15 प्रतिशत बढ़कर 24,537 और बीएसई सेंसेक्स 118 अंक या 0.15 प्रतिशत बढ़कर 80,199 पर था।