भारतीय शेयर बाजार में गिरावट: सेंसेक्स 628 अंक लुढ़का, रुपये में भी कमजोरी
भारतीय शेयर बाजार की स्थिति
भारतीय शेयर बाजार की स्थिति: शुक्रवार को पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का प्रभाव भारतीय शेयर बाजार और रुपये पर स्पष्ट रूप से देखा गया। कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि और कमजोर वैश्विक संकेतों के चलते घरेलू बाजार में भारी बिकवाली हुई। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 628 अंक से अधिक गिर गया, जबकि निफ्टी भी 23,300 के स्तर के आसपास फिसल गया। बीएसई सेंसेक्स 628.24 अंक गिरकर 74,257.69 पर पहुंच गया, वहीं एनएसई निफ्टी 221.20 अंक टूटकर 23,255.10 पर आ गया।
शेयर बाजार में गिरावट के कारण
शुक्रवार की गिरावट का मुख्य कारण कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और पश्चिम एशिया में तनाव हैं। ब्रेंट क्रूड की कीमत एशियाई कारोबार में 108 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई और 110 डॉलर के स्तर को भी छूने लगी। चूंकि भारत अपनी तेल जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि से देश की आयात लागत, महंगाई और चालू खाते पर दबाव बढ़ता है। विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली और अमेरिकी बॉंड यील्ड में वृद्धि ने भी निवेशकों की चिंताओं को बढ़ाया है।
गिरावट वाले प्रमुख शेयर
सेंसेक्स के 30 शेयरों में शुरुआती कारोबार के दौरान बजाज फाइनेंस, इंटरग्लोब एविएशन, महिंद्रा एंड महिंद्रा, टाटा स्टील, अल्ट्राटेक सीमेंट और एक्सिस बैंक प्रमुख गिरावट वाले शेयरों में शामिल रहे। कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि से उन सेक्टरों पर सबसे अधिक दबाव पड़ता है जिनकी लागत या कारोबार तेल की कीमतों से प्रभावित होता है, जैसे विमानन, ऑटो, पेंट, टायर और केमिकल कंपनियां।
IT और अन्य शेयरों में खरीदारी
हालांकि बाजार में हर जगह गिरावट नहीं थी। शुरुआती कारोबार में टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक, इंफोसिस, भारती एयरटेल और आईटीसी जैसे कुछ शेयरों में बढ़त देखी गई। फिर भी, व्यापक बाजार में बिकवाली का दबाव अधिक रहा। शुक्रवार को 16 में से 15 प्रमुख सेक्टर दबाव में रहे। स्मॉलकैप और मिडकैप शेयरों में भी गिरावट बेंचमार्क सूचकांकों की तुलना में अधिक रही।
एशियाई बाजारों की स्थिति
भारतीय बाजार को शुक्रवार को विदेशी बाजारों से भी मजबूत समर्थन नहीं मिला। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि के बीच एशियाई शेयर बाजारों में भी कमजोरी देखी गई। जापान का निक्की, दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, चीन का एसएसई कंपोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग दबाव में कारोबार कर रहे थे।
रुपये की स्थिति
शेयर बाजार की कमजोरी के साथ भारतीय रुपया भी दबाव में रहा। शुरुआती कारोबार में रुपया 27 पैसे कमजोर होकर 95.79 प्रति डॉलर पर पहुंच गया। इससे पहले गुरुवार को रुपया 44 पैसे की गिरावट के साथ 95.52 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था। बाजार में ऐसी धारणा थी कि भारतीय रिजर्व बैंक ने रुपये में तेज गिरावट को सीमित करने के लिए हस्तक्षेप किया।