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भारतीय शेयर बाजार में तेजी: अमेरिका-ईरान शांति समझौते का प्रभाव

सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में जोरदार तेजी आई, जिसमें सेंसेक्स ने 1000 अंक से अधिक की बढ़त दर्ज की। इसका मुख्य कारण अमेरिका और ईरान के बीच हुआ शांति समझौता है, जिसने वैश्विक बाजारों में मजबूती लाई। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और एशियाई बाजारों में तेजी ने भी भारतीय बाजार को समर्थन दिया। जानें इस तेजी के अन्य कारण और दिग्गज शेयरों के प्रदर्शन के बारे में।
 

भारतीय शेयर बाजार में उछाल


मुंबई: सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में जोरदार उछाल देखने को मिला। सेंसेक्स ने 1000 अंक से अधिक की बढ़त दर्ज की, जबकि निफ्टी भी 23,900 के स्तर को पार कर गया। इस तेजी का मुख्य कारण अमेरिका और ईरान के बीच हुआ शांति समझौता है, जिसने वैश्विक बाजारों में मजबूती लाई और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का कारण बना।


दोपहर लगभग 2:45 बजे बीएसई सेंसेक्स 1000.77 अंक यानी 1.33% की वृद्धि के साथ 76,528.72 पर कारोबार कर रहा था। इसी समय एनएसई निफ्टी भी 310.25 अंक यानी 1.31% बढ़कर 23,933.15 पर पहुंच गया। एनएसई के सभी प्रमुख सेक्टरों में खरीदारी का माहौल बना रहा, और स्मॉल-कैप तथा मिड-कैप शेयरों ने भी शानदार प्रदर्शन किया।


बाजार में तेजी के प्रमुख कारण

अमेरिका-ईरान शांति समझौता: इस तेजी का सबसे बड़ा कारण अमेरिका और ईरान के बीच पिछले 107 दिनों से चल रहे विवाद का समाधान है। दोनों देशों ने 'हॉर्मुज जलडमरूमध्य' को फिर से खोलने पर सहमति जताई है, जो विश्व में तेल आपूर्ति का एक महत्वपूर्ण मार्ग है। इस समझौते ने वैश्विक ऊर्जा संकट के डर को समाप्त कर दिया और निवेशकों का आत्मविश्वास बढ़ाया।


कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट: शांति समझौते की खबर के बाद ब्रेंट क्रूड की कीमतें 4.55% गिरकर 83.36 डॉलर प्रति बैरल पर आ गईं। चूंकि भारत अपनी तेल जरूरत का अधिकांश हिस्सा आयात करता है, इसलिए तेल की कीमतों में कमी भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए लाभकारी है। इससे महंगाई कम करने, व्यापार घाटे को सुधारने और रुपये को मजबूत करने में मदद मिलती है।


ग्लोबल मार्केट्स में तेजी: एशियाई बाजारों में भी आज अच्छी बढ़त देखी गई। दक्षिण कोरिया का कोस्पी लगभग 6% और जापान का निक्केई 5% से अधिक चढ़ गया। इसके अलावा, हॉन्गकॉन्ग और शंघाई के बाजारों में भी तेजी रही, जिसने भारतीय बाजार को और समर्थन दिया।


मजबूत रुपये से कम हुआ डर: अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया 58 पैसे मजबूत हुआ। वहीं, बाजार में उतार-चढ़ाव को मापने वाला 'इंडिया विक्स' भी 4% गिरकर 14.18 पर आ गया। इस उतार-चढ़ाव में कमी ने निवेशकों का विश्वास बढ़ाया और उन्होंने शेयरों की खरीदारी की।


दिग्गज शेयरों की बात करें तो एचडीएफसी बैंक के शेयर 2% बढ़ गए। वहीं, पश्चिम एशिया में तनाव कम होने के कारण एलएंडटी के शेयर भी 3% से अधिक चढ़ गए।