भारतीय शेयर बाजार में तेजी: कच्चे तेल की गिरावट से मिली राहत
बाजार में आई तेजी का विश्लेषण
मुंबई: गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार ने एक महत्वपूर्ण राहत का अनुभव किया है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी गिरावट, मजबूत एशियाई बाजारों और घरेलू संकेतों के चलते घरेलू शेयर बाजार में जोरदार उछाल देखने को मिला। दोपहर के समय, सेंसेक्स 786 अंकों की बढ़त के साथ 77,777 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी ने भी 233 अंकों की वृद्धि के साथ 24,254 का आंकड़ा पार कर लिया।
विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका और ईरान के बीच हुए शांति समझौते के बाद से बाजार में लगातार सुधार देखने को मिल रहा है। पिछले नौ दिनों में सेंसेक्स और निफ्टी में लगभग 4 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। बाजार के जानकारों का कहना है कि भारतीय शेयर बाजार में चल रही मंदी का दौर अब समाप्त होने की ओर है। चूंकि भारत अपनी आवश्यकताओं का अधिकांश तेल विदेशों से आयात करता है, इसलिए कच्चे तेल की कीमतों में कमी देश की अर्थव्यवस्था के लिए एक सकारात्मक संकेत है। इससे महंगाई में कमी आएगी और कंपनियों के लाभ में वृद्धि होगी।
बाजार में तेजी के प्रमुख कारण
बाजार में आई इस तूफानी तेजी के 5 मुख्य कारण
1. कच्चे तेल के दामों में भारी गिरावट- अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत लगभग 1.7% गिरकर 72.49 डॉलर प्रति बैरल के आसपास आ गई है। तेल की कीमतों में कमी से भारत का आयात बिल घटेगा, जिससे अर्थव्यवस्था पर दबाव कम होगा। विशेषज्ञों के अनुसार, इस समय शेयर बाजार की तेजी का मुख्य कारण कच्चे तेल की गिरती कीमतें हैं।
2. एशियाई बाजारों में जबरदस्त उछाल- भारत के साथ-साथ पूरे एशिया के शेयर बाजारों में भी आज जबरदस्त तेजी देखने को मिली। दक्षिण कोरिया का 'कोस्पी' 5% से अधिक बढ़ा, जबकि जापान का 'निक्केई' लगभग 4% ऊपर चढ़ गया। चीन के बाजार में भी सकारात्मक रुझान देखने को मिला। इन अच्छे संकेतों ने भारतीय निवेशकों का विश्वास बढ़ा दिया है।
3. अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया हुआ मजबूत- कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और वैश्विक स्तर पर डॉलर के कमजोर होने का सीधा लाभ भारतीय रुपये को मिला है। भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 31 पैसे मजबूत होकर 94.24 के स्तर पर पहुंच गया। हालांकि, विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली के कारण रुपये की मजबूती पर कुछ अंकुश लगा है।
4. बाजार में घबराहट का माहौल हुआ कम- शेयर बाजार में निवेशकों के डर और जोखिम को मापने वाला इंडेक्स 'इंडिया विक्स' आज 4.45% गिरकर 12.79 पर आ गया। इस इंडेक्स में गिरावट का मतलब है कि अब निवेशकों के मन में बाजार को लेकर डर कम हो रहा है और वे भविष्य में स्थिरता की उम्मीद कर रहे हैं।
5. ब्याज दरें बढ़ने का डर खत्म- रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के गवर्नर संजय मल्होत्रा के बयान ने निवेशकों को बड़ी राहत दी है। उन्होंने संकेत दिया है कि फिलहाल देश में ब्याज दरें बढ़ाने की कोई आवश्यकता नहीं है। ब्याज दरों का स्थिर रहना आम लोगों और कंपनियों के लिए लोन लेना और व्यापार बढ़ाना आसान बनाता है, जो शेयर बाजार के लिए हमेशा सकारात्मक होता है।