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भारतीय शेयर बाजार में तेजी, निवेशकों की संपत्ति में वृद्धि

सोमवार को भारतीय शेयर बाजार ने सकारात्मक शुरुआत की, जिसमें बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी ने मजबूती दिखाई। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और रुपये की मजबूती ने निवेशकों का विश्वास बढ़ाया। इस तेजी के चलते निवेशकों की संपत्ति में 5.10 लाख करोड़ रुपये का इजाफा हुआ। जानें इस सकारात्मक माहौल के पीछे के कारण और भविष्य की संभावनाएं।
 

शेयर बाजार की सकारात्मक शुरुआत

इस सप्ताह की शुरुआत भारतीय शेयर बाजार के लिए उत्साहजनक रही। पश्चिम एशिया में तनाव में कमी, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और रुपये की मजबूती के चलते घरेलू बाजार में जोरदार खरीदारी हुई। सोमवार को बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी दोनों ने मजबूत बढ़त के साथ कारोबार समाप्त किया, जिससे निवेशकों की संपत्ति में लगभग 5.10 लाख करोड़ रुपये का इजाफा हुआ।


सेंसेक्स और निफ्टी का प्रदर्शन

बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 1.02 प्रतिशत की बढ़त के साथ 76,835.78 अंक पर बंद हुआ, जबकि एनएसई का 50 शेयरों वाला निफ्टी 228.50 अंक यानी 0.96 प्रतिशत चढ़कर 23,995.95 अंक पर पहुंच गया। बाजार में व्यापक स्तर पर खरीदारी देखी गई, जिसमें 3,446 शेयरों में से 2,250 से अधिक शेयर बढ़त के साथ बंद हुए।


बाजार पूंजीकरण में वृद्धि

बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण बढ़कर लगभग 480.8 लाख करोड़ रुपये हो गया है। एक ही कारोबारी सत्र में इसमें 5.10 लाख करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई, जिससे निवेशकों का विश्वास मजबूत हुआ है।


कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट

इस तेजी का मुख्य कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट है। पश्चिम एशिया में तनाव कम होने से कच्चा तेल लगभग 86.5 डॉलर प्रति बैरल तक आ गया, जो पिछले कारोबारी सत्र की तुलना में लगभग छह प्रतिशत कम है। इससे भारत जैसे आयात पर निर्भर देशों को लाभ मिलता है, क्योंकि इससे आयात बिल कम होने और महंगाई पर दबाव घटने की संभावना बढ़ जाती है।


रुपये की मजबूती

इस दौरान भारतीय रुपया भी मजबूत हुआ। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया 61 पैसे की मजबूती के साथ डॉलर के मुकाबले 95.92 के स्तर पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान रुपये ने 95.78 का उच्च स्तर और 96.27 का निचला स्तर भी छुआ।


आरबीआई की रिपोर्ट

हाल ही में भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर ने बताया कि विदेशी मुद्रा गैर-निवासी जमा योजना के तहत अब तक लगभग 32 अरब डॉलर की राशि भारत आई है। इससे रुपये को अतिरिक्त मजबूती मिली है और विदेशी मुद्रा भंडार को भी सहारा मिला है।


विशेषज्ञों की राय

बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि तकनीकी संकेतकों में भी सुधार दिखाई दे रहा है। निफ्टी ने 23,600 के महत्वपूर्ण समर्थन स्तर से अच्छी वापसी की है और अब 24,000 से 24,100 अंक के स्तर को पार करने की कोशिश कर रहा है।


भविष्य की संभावनाएं

हालांकि, विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि पश्चिम एशिया की स्थिति और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव पर बाजार की नजर बनी रहेगी। पिछले पांच कारोबारी सत्रों में सेंसेक्स 2,091.68 अंक और निफ्टी 2.32 प्रतिशत तक गिर चुका था। ऐसे में सोमवार की तेजी ने निवेशकों को राहत दी है और बाजार में सकारात्मक माहौल लौटने के संकेत मिले हैं।