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भारतीय शेयर बाजार में तेजी, सेंसेक्स 76,668 पर पहुंचा

भारतीय शेयर बाजार ने मंगलवार को मजबूती के साथ कारोबार किया, जिसमें सेंसेक्स 76,668 के स्तर पर पहुंच गया। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट, विदेशी निवेशकों की वापसी और भू-राजनीतिक तनाव में कमी ने बाजार की धारणा को मजबूत किया। जानें इस तेजी के पीछे के कारण और निवेशकों के लिए क्या संभावनाएं हैं।
 

भारतीय शेयर बाजार की मजबूती


मुंबई: मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार ने मजबूती के साथ कारोबार जारी रखा। सेंसेक्स 400 अंकों से अधिक की बढ़त के साथ 76,668 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 23,950 के ऊपर कारोबार करता दिखाई दिया। वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेत, कच्चे तेल की कीमतों में कमी और विदेशी संस्थागत निवेशकों की वापसी ने बाजार की धारणा को मजबूत किया। इसके साथ ही भू-राजनीतिक तनाव में कमी और रुपये की मजबूती ने निवेशकों को इक्विटी बाजार की ओर आकर्षित किया।


कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का प्रभाव

भारतीय शेयर बाजार की तेजी का मुख्य कारण कच्चे तेल की कीमतों में आई नरमी मानी जा रही है। ब्रेंट क्रूड लगभग 82.90 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है, जिससे भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश को राहत मिलने की उम्मीद है। कम तेल कीमतों से महंगाई, चालू खाता घाटा और आयात लागत पर दबाव कम हो सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि तेल की कीमतें नियंत्रित रहती हैं, तो इससे अर्थव्यवस्था और कॉरपोरेट मुनाफे को लाभ होगा। इसी उम्मीद ने निवेशकों को खरीदारी के लिए प्रेरित किया।


वैश्विक संकेत और विदेशी निवेशकों की गतिविधि

एशियाई बाजारों में अधिकांश प्रमुख सूचकांक मजबूती के साथ कारोबार कर रहे हैं, जबकि अमेरिकी बाजार भी पिछले सत्र में शानदार बढ़त के साथ बंद हुए थे। इसका सकारात्मक प्रभाव भारतीय बाजार पर भी स्पष्ट दिखाई दिया। विशेष रूप से, लगातार 13 कारोबारी सत्रों तक बिकवाली करने के बाद, विदेशी संस्थागत निवेशक फिर से खरीदार बने हैं। सोमवार को उन्होंने 200 करोड़ रुपये से अधिक की शुद्ध खरीदारी की, जो बाजार में विश्वास बढ़ाने वाला माना जा रहा है।


कम तनाव और घटता VIX

अमेरिका और ईरान के बीच ऊर्जा आपूर्ति मार्ग को लेकर बनी सहमति ने वैश्विक निवेशकों की चिंताओं को कम किया है। इससे तेल और गैस आपूर्ति सामान्य होने की उम्मीद जगी है। इसके अलावा, भारतीय रुपया भी डॉलर के मुकाबले मजबूत हुआ है। बाजार की अस्थिरता को मापने वाला इंडिया VIX 5 प्रतिशत से अधिक गिरकर 13.60 पर आ गया, जो निवेशकों के बीच घटती चिंता का संकेत है। कम अस्थिरता और मजबूत वैश्विक माहौल ने बाजार में सकारात्मक धारणा को और मजबूत किया है।