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भारतीय शेयर बाजार में तेजी, सेंसेक्स और निफ्टी में बढ़त

भारतीय शेयर बाजार ने मंगलवार को लगातार दूसरे दिन तेजी के साथ समापन किया। सेंसेक्स और निफ्टी में बढ़त देखने को मिली, जबकि कुछ सेक्टरों में गिरावट भी दर्ज की गई। विशेषज्ञों का मानना है कि बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद मजबूती बनी हुई है, लेकिन यह पूरी तरह से ट्रेंड बदलने का संकेत नहीं है। जानें बाजार के हालात और आगे की संभावनाएं।
 

भारतीय शेयर बाजार में सकारात्मक रुख

पिछले तीन दिनों की गिरावट के बाद, मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार ने लगातार दूसरे दिन तेजी के साथ हरे निशान में समापन किया।


इस दौरान, 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 0.75 प्रतिशत या 568 अंक की वृद्धि के साथ 76,070.84 पर बंद हुआ। वहीं, एनएसई निफ्टी50 ने 0.74 प्रतिशत या 172.35 अंक बढ़कर 23,581.15 का स्तर छुआ।


दिन के कारोबार में, सेंसेक्स ने 75,826.68 पर शुरुआत की और 76,304.26 के उच्चतम स्तर तक पहुंचा। निफ्टी ने 23,493.20 से शुरू होकर 23,656.80 का उच्चतम स्तर देखा।


सेक्टरवार प्रदर्शन

मंगलवार के सत्र में समग्र बाजार में सकारात्मकता देखी गई। निफ्टी मिडकैप में 1.02 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.65 प्रतिशत की वृद्धि हुई।


सेक्टरवार प्रदर्शन में, निफ्टी ऑटो (2.11 प्रतिशत) और निफ्टी मेटल (2.82 प्रतिशत) ने सबसे अच्छा प्रदर्शन किया, जबकि निफ्टी आईटी (0.97 प्रतिशत) और निफ्टी एफएमसीजी (0.75 प्रतिशत) में गिरावट आई।


इंडिया वोलेटिलिटी इंडेक्स में गिरावट

सत्र के दौरान, इंडिया वोलेटिलिटी इंडेक्स (इंडिया वीआईएक्स) 9.12 प्रतिशत गिरकर 19.63 पर आ गया और अंत में यह 8.39 प्रतिशत की गिरावट के साथ 19.79 पर बंद हुआ।


निफ्टी50 के टॉप गेनर्स और लूजर्स

निफ्टी50 इंडेक्स में इटरनल, टाटा स्टील, महिंद्रा एंड महिंद्रा, एचडीएफसी लाइफ, बीईएल, मारुति सुजुकी, एलएंडटी, भारती एयरटेल और ओएनजीसी के शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी देखने को मिली। इसके विपरीत, विप्रो, सिप्ला, टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स, इंफोसिस, आईटीसी और बजाज फाइनेंस के शेयर टॉप लूजर्स में शामिल रहे।


विश्लेषकों की राय

विश्लेषकों के अनुसार, यदि निफ्टी 23,600 के ऊपर स्थिर रहता है, तो यह 23,800 से 24,000 के स्तर तक जा सकता है। हालांकि, यह रेंज आगे चलकर मजबूत रेजिस्टेंस भी बन सकती है। यदि बाजार ऊपरी स्तर पर टिक नहीं पाता है, तो यह 23,500 तक गिर सकता है, और इसके नीचे 23,300-23,350 के स्तर पर मजबूत सपोर्ट देखने को मिल सकता है।


विशेषज्ञों का कहना है कि बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद मजबूती दिखी है, लेकिन यह पूरी तरह से ट्रेंड बदलने का संकेत नहीं है। फिलहाल, यह एक रिकवरी का दौर है, जिसमें कुछ चुनिंदा सेक्टरों में ही अधिक खरीदारी हो रही है। वैश्विक अनिश्चितताओं के चलते, बाजार में सावधानी के साथ हल्की तेजी का रुख बना रह सकता है।