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भारतीय शेयर बाजार में निफ्टी इंडिया FPI 150 का नया वायदा और विकल्प अनुबंध

भारतीय शेयर बाजार में विदेशी संस्थागत निवेशकों के लिए एक नई पहल के तहत, NSE ने निफ्टी इंडिया FPI 150 सूचकांक पर वायदा और विकल्प अनुबंधों की शुरुआत की है। यह सूचकांक निफ्टी 500 में शामिल शीर्ष 150 शेयरों के प्रदर्शन को दर्शाता है और विदेशी निवेशकों के लिए निवेश की सुगमता सुनिश्चित करता है। इस नए उत्पाद के माध्यम से निवेशक जोखिम से बचाव और पोर्टफोलियो में विविधता लाने के लिए बेहतर अवसर प्राप्त कर सकेंगे।
 

निफ्टी इंडिया FPI 150 का लॉन्च

भारतीय शेयर बाजार के निवेशकों, विशेषकर विदेशी संस्थागत निवेशकों (FPIs) के लिए एक महत्वपूर्ण सूचना सामने आई है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) 12 अगस्त से 'निफ्टी इंडिया FPI 150' सूचकांक पर वायदा और विकल्प (Futures and Options - F&O) अनुबंधों की पेशकश करने जा रहा है। इस नए डेरिवेटिव उत्पाद को लॉन्च करने के लिए पूंजी बाजार नियामक सेबी (SEBI) से अनुमति मिल गई है। NSE द्वारा जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि ये नए अनुबंध एक्सचेंज के 'इक्विटी डेरिवेटिव खंड' में उपलब्ध होंगे.


वायदा और विकल्प अनुबंधों की विशेषताएँ

NSE ने बताया कि वह इस सूचकांक पर वायदा (फ्यूचर्स) और विकल्प (ऑप्शन) अनुबंध पेश करेगा। प्रारंभ में, यह सूचकांक तीन क्रमिक मासिक वायदा और विकल्प अनुबंध चक्र प्रदान करेगा, जिनकी समाप्ति संबंधित माह के अंतिम मंगलवार को होगी.


सूचकांक का महत्व

निफ्टी इंडिया एफपीआई 150 सूचकांक, निफ्टी 500 में शामिल शीर्ष 150 शेयरों के प्रदर्शन को दर्शाता है, जो छह महीने की औसत विदेशी निवेश योग्य मुक्त-प्रवाह बाजार पूंजीकरण के आधार पर तैयार किया गया है। यह सूचकांक विदेशी निवेशकों के लिए निवेश की सुगमता और निवेशयोग्यता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बनाया गया है. प्रत्येक शेयर का भार उसके विदेशी निवेश योग्य मुक्त-प्रवाह बाजार पूंजीकरण के अनुसार निर्धारित किया जाता है.


विभिन्न क्षेत्रों का योगदान

इस सूचकांक में वित्तीय सेवा क्षेत्र का भार सबसे अधिक 26.15 प्रतिशत है, इसके बाद तेल, गैस एवं उपभोग्य ईंधन क्षेत्र का भार 10.03 प्रतिशत और स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र का भार 7.51 प्रतिशत है। इस सूचकांक की शुरुआत 16 अगस्त, 2025 को हुई थी, जिसकी आधार तिथि तीन अक्टूबर, 2022 और आधार मूल्य 1,000 रखा गया था. इसका पुनर्संतुलन विदेशी निवेश योग्य मुक्त-प्रवाह पद्धति के आधार पर प्रत्येक तिमाही में किया जाता है.


NSE के अधिकारियों की टिप्पणी

एनएसई के मुख्य व्यवसाय विकास अधिकारी श्रीराम कृष्णन ने कहा कि निफ्टी इंडिया एफपीआई 150 सूचकांक पर वायदा-विकल्प अनुबंध की शुरुआत मौजूदा सूचकांक वायदा-विकल्प उत्पादों के दायरे को और मजबूत करेगी। उन्होंने यह भी बताया कि यह सूचकांक भारतीय शेयर बाजार के व्यापक और विविधीकृत हिस्से का प्रतिनिधित्व करता है, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों के 150 नकद शेयर शामिल हैं, और यह जोखिम से बचाव (हेजिंग) और पोर्टफोलियो में विविधता लाने के लिए उपयुक्त है.