भारतीय शेयर बाजार में भारी उतार-चढ़ाव, जानें कारण और प्रभाव
भारतीय शेयर बाजार में हलचल
मुंबई: वैश्विक बाजारों में उतार-चढ़ाव और विभिन्न दबावों के कारण भारतीय शेयर बाजार में आज काफी हलचल देखी जा रही है। सुबह की सकारात्मक शुरुआत के बाद, बाजार अचानक गिरावट की ओर बढ़ गया। आज के ट्रेडिंग सत्र में सेंसेक्स और निफ्टी में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। विदेशी निवेशकों की भारी बिकवाली और अमेरिका-ईरान के बीच तनाव जैसे प्रमुख कारणों से बाजार का माहौल बिगड़ गया है।
सेंसेक्स और निफ्टी की स्थिति
दोपहर करीब 1:12 बजे, सेंसेक्स अपने दिन के उच्चतम स्तर से लगभग 800 अंक गिरकर 74,512 के स्तर पर पहुंच गया। इसी समय, निफ्टी भी 86 अंकों की गिरावट के साथ 23,462 के आसपास आ गया, जिसने 23,500 का महत्वपूर्ण स्तर भी तोड़ दिया।
शेयरों में तेजी और मंदी का प्रभाव
तेजी वाले शेयर
इस गिरावट के बावजूद, आईटी शेयरों ने बाजार को संभालने की कोशिश की। टेक महिंद्रा 4% से अधिक की वृद्धि के साथ निफ्टी-50 का शीर्ष गेनर रहा। इसके अलावा, इंफोसिस, टीसीएस, एचसीएल टेक और विप्रो भी बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे। मई के शानदार बिक्री आंकड़ों के कारण ऑटो शेयर भी मजबूत दिखे, जैसे कि बजाज ऑटो के शेयर 20% सालाना बिक्री बढ़ने से 1% चढ़ गए।
मंदी वाले शेयर
वहीं, एफएमसीजी कंपनियों के शेयरों में भारी बिकवाली हुई। हिंदुस्तान यूनिलीवर, नेस्ले इंडिया और टाटा कंज्यूमर जैसे बड़े शेयर नुकसान में रहे, जिनमें HUL का प्रदर्शन सबसे खराब रहा। इसके अलावा, पीटीसी इंडस्ट्रीज 14% चढ़ गई जबकि जयप्रकाश पावर लगभग 13% गिर गई।
बाजार में गिरावट के प्रमुख कारण
1. अमेरिका और ईरान के बीच असमंजस:
निवेशकों के बीच अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता को लेकर चिंता बनी हुई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयानों से यह स्पष्ट है कि परमाणु मुद्दे और समझौते में अभी समय लगेगा, जिससे कच्चे तेल की कीमतें 94 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गई हैं।
2. विदेशी निवेशकों की भारी बिकवाली:
फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (FIIs) ने पिछले कारोबारी सत्र में 21,000 करोड़ रुपये से अधिक के शेयर बेचे। MSCI इंडेक्स में बदलाव के कारण विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजार से बड़े पैमाने पर पैसा निकाला है।
3. कमजोर तकनीकी संकेतक:
विशेषज्ञों के अनुसार, निफ्टी इस समय अपने आवश्यक मूविंग एवरेज से नीचे कारोबार कर रहा है। बाजार को मजबूत होने के लिए 23,800 के पार जाना होगा। फिलहाल, नीचे की ओर 23,400 और 23,200 पर समर्थन दिख रहा है।
4. इंडिया विक्स में उछाल:
बाजार में डर का माहौल भांपने वाला इंडेक्स 'इंडिया विक्स' आज बढ़ गया है, जो यह दर्शाता है कि निवेशकों में घबराहट और अनिश्चितता है। जब तक यह 15 से नीचे नहीं आता, बाजार में ऐसे ही उतार-चढ़ाव देखने को मिलते रहेंगे।