भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट: जानें कारण
शेयर बाजार की शुरुआत निराशाजनक
इस सप्ताह की शुरुआत भारतीय शेयर बाजार के लिए बेहद निराशाजनक रही। सोमवार को बीएसई सेंसेक्स और निफ्टी 50 में भारी गिरावट आई, जिसे बाजार के विशेषज्ञ 'ब्लैक मंडे' के नाम से जानते हैं। निफ्टी 601 अंक गिरकर 22512.85 पर और सेंसेक्स 1836 अंक गिरकर 72696 पर बंद हुआ, जिससे एक ही दिन में निवेशकों के 14 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।
गिरावट के प्रमुख कारण
वैश्विक तनाव, विशेषकर पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने निवेशकों का विश्वास कमजोर किया है। इसके अलावा, विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली और रुपये की गिरावट ने बाजार पर दबाव बढ़ा दिया है।
कच्चे तेल की कीमतों का प्रभाव
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें लगातार ऊंची बनी हुई हैं। ब्रेंट क्रूड की कीमत 110 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर है, जो भारत जैसे आयातक देशों के लिए चिंता का विषय है। महंगे तेल से महंगाई बढ़ने और आर्थिक संतुलन बिगड़ने का खतरा है, जिसका सीधा असर शेयर बाजार पर पड़ा है।
विदेशी निवेशकों की बिकवाली
मार्च महीने में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने भारतीय बाजार से लगातार पैसा निकाला है। रिपोर्टों के अनुसार, 20 मार्च तक लगभग 90 हजार करोड़ रुपये की निकासी हो चुकी है। इस निरंतर बिकवाली ने बाजार की धारणा को कमजोर कर दिया है और निवेशकों में घबराहट बढ़ा दी है।
वैश्विक तनाव और कमजोर संकेत
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने भी बाजार को प्रभावित किया है। ऊर्जा आपूर्ति में संभावित बाधा को लेकर चिंता बनी हुई है। इसके अलावा, एशियाई और अमेरिकी बाजारों में भी गिरावट देखने को मिली है, जिससे भारतीय बाजार पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है।
रुपये में गिरावट और अनिश्चितता
भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया है। साथ ही, वोलैटिलिटी इंडेक्स में तेज उछाल से बाजार में अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है। इस स्थिति में निवेशक सतर्क नजर आ रहे हैं और जोखिम लेने से बच रहे हैं।