भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट: तेल युद्ध का प्रभाव
शेयर बाजार में नया झटका
मुंबई: गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार ने एक बार फिर से गंभीर झटका महसूस किया। मध्य पूर्व में बढ़ते सैन्य तनाव और तेल की कीमतों में अचानक वृद्धि ने वैश्विक बाजारों को प्रभावित किया है। इसका प्रत्यक्ष प्रभाव भारतीय शेयर बाजार पर पड़ा, जहां सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही भारी नुकसान के साथ खुले। निवेशकों के बीच चिंता का माहौल है, और विशेषज्ञ इसे 'तेल युद्ध' का परिणाम मानते हैं, जो भविष्य में और अधिक उतार-चढ़ाव ला सकता है।
तेल युद्ध का प्रभाव
मध्य पूर्व में तेल और गैस स्थलों पर हमलों के बाद कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है। ब्रेंट क्रूड की कीमत 113 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई, जिससे वैश्विक बाजारों में चिंता बढ़ गई। ऊर्जा आपूर्ति को लेकर खतरे ने निवेशकों का विश्वास कमजोर किया है। इसका तात्कालिक असर शेयर बाजारों पर पड़ा, जिससे व्यापक बिकवाली शुरू हो गई।
सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट
भारतीय बाजार खुलते ही गिरावट का सामना करना पड़ा। सेंसेक्स अपने पिछले बंद स्तर 76,704 से गिरकर 74,750 पर खुला और कुछ ही मिनटों में 1900 अंक टूट गया। इसी तरह, निफ्टी भी 23,777 से गिरकर 23,197 पर आ गया। शुरुआती कारोबार में दोनों सूचकांकों में आई तेज गिरावट ने निवेशकों को चौंका दिया और बाजार में अफरा-तफरी का माहौल बना।
एशियाई बाजारों में भी गिरावट
यह गिरावट केवल भारत तक सीमित नहीं रही। जापान का निक्केई इंडेक्स 1500 अंक से अधिक गिर गया, जबकि हांगकांग का हैंगसेंग और दक्षिण कोरिया का कोस्पी भी नकारात्मक क्षेत्र में रहे। वैश्विक निवेशकों ने जोखिम से बचने की कोशिश की है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यह गिरावट एक वैश्विक संकट का संकेत दे रही है, जिसका प्रभाव कई बाजारों पर पड़ा है।
बैंकिंग और ऑटो शेयरों पर प्रभाव
इस गिरावट में बैंकिंग और ऑटो सेक्टर सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं। एचडीएफसी बैंक, एक्सिस बैंक, बजाज फाइनेंस और एलएंडटी जैसे प्रमुख शेयरों में 2 से 4 प्रतिशत तक की गिरावट देखी गई। बाजार के डर का पैमाना माने जाने वाले इंडिया VIX में 15 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जो आने वाले दिनों में भारी उतार-चढ़ाव का संकेत है। निवेशकों के बीच सतर्कता का माहौल बना हुआ है।