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भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट: निवेशकों को 10 लाख करोड़ का नुकसान

भारतीय शेयर बाजार में हालिया गिरावट ने निवेशकों को 10 लाख करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाया है। बीएसई का सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में भारी गिरावट आई है, जिससे निवेशकों की संपत्ति में कमी आई है। वैश्विक घटनाक्रम और विदेशी निवेशकों की बिकवाली ने इस गिरावट को और बढ़ाया है। जानें इस गिरावट के पीछे के कारण और निवेशकों की प्रतिक्रिया के बारे में।
 

भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का दौर

भारतीय शेयर बाजार में गिरावट: मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार में लगातार दूसरे दिन भारी गिरावट देखी गई। बीएसई का सेंसेक्स 1065 अंक की कमी के साथ 82,180.47 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 353 अंक गिरकर 25,232.50 पर पहुंच गया। निफ्टी बैंक इंडेक्स में भी 487 अंक की कमी आई। इंट्राडे ट्रेडिंग के दौरान सेंसेक्स 1200 अंक और निफ्टी 400 अंक तक लुढ़क गए। इस गिरावट के चलते निवेशकों की कुल संपत्ति में लगभग 10.12 लाख करोड़ रुपये की कमी आई।


शेयरों में गिरावट का कारण

टॉप शेयरों में गिरावट: बीएसई के टॉप 30 शेयरों में HDFC बैंक को छोड़कर सभी शेयरों में गिरावट आई। जोमैटो के शेयरों में सबसे ज्यादा 4 फीसदी से अधिक की कमी आई। इसके अलावा बजाज फाइनेंस, सनफार्मा, इंडिगो, रिलायंस और टीसीएस जैसे प्रमुख शेयरों में भी गिरावट देखी गई। सोमवार को बीएसई की कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन 465.68 लाख करोड़ रुपये थी, जो मंगलवार को घटकर 455.72 लाख करोड़ रुपये रह गई। एक ही दिन में 10.12 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।


सभी सेक्टर्स में कमजोरी

सभी सेक्टर्स में गिरावट: एनएसई पर सभी सेक्टर लाल निशान पर बंद हुए। रियल्टी सेक्टर में 5 फीसदी से अधिक की गिरावट आई। ऑटो सेक्टर में 2.5 फीसदी, फाइनेंसियल सेक्टर में 1.4 फीसदी और अन्य सेक्टर्स में लगभग 1 फीसदी की कमी आई। आईटी शेयरों में भी भारी बिकवाली हुई, जिसमें विप्रो के शेयर 3 फीसदी और LTIMindtree के शेयर 6 फीसदी तक लुढ़क गए।


वैश्विक घटनाओं का प्रभाव

वैश्विक घटनाओं का असर: शेयर बाजार की गिरावट का एक प्रमुख कारण वैश्विक घटनाक्रम भी रहा। अमेरिकी राष्ट्रपति ने ग्रीनलैंड पर नियंत्रण बढ़ाने के प्रयास में आठ यूरोपीय देशों पर नए टैरिफ की धमकी दी। इसी बीच, फ्रांस ने 200 फीसदी टैरिफ लगाने की चेतावनी दी, जिससे वैश्विक निवेशकों में डर बढ़ गया और ट्रेड वॉर का खतरा बढ़ा।


विदेशी निवेशकों की बिकवाली

विदेशी निवेशकों की बिकवाली: विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) द्वारा लगातार बिकवाली के कारण बाजार पर दबाव बढ़ा। FIIs ने लगातार दसवें सत्र में अपनी नेट बिकवाली जारी रखी, जिसमें सोमवार को उन्होंने लगभग 3,263 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।


सुरक्षित निवेश की ओर रुख

सोना और चांदी में उछाल: इस समय निवेशक सोना और चांदी जैसी सुरक्षित धातुओं की ओर बढ़ रहे हैं। मंगलवार को सोना पहली बार $4,700 प्रति औंस के पार चला गया, जबकि चांदी ने रिकॉर्ड ऊंचाई छू ली। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक राजनीतिक तनाव और टैरिफ के खतरे के कारण निवेशक जोखिम वाले शेयरों से दूर हो रहे हैं और सुरक्षित निवेश की ओर बढ़ रहे हैं।