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भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट: निवेशकों में चिंता का माहौल

आज भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट आई है, जिसे 'ब्लैक फ्राइडे' कहा जा रहा है। ईरान-इजरायल संघर्ष और कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि ने निवेशकों के मनोबल को प्रभावित किया है। BSE Sensex में 886 अंकों की गिरावट आई, जबकि Nifty50 में भी कमी देखी गई। बैंकिंग और मेटल शेयरों में सबसे अधिक गिरावट आई है, जबकि कुछ डिफेंसिव और फार्मा शेयरों ने मजबूती दिखाई है। जानें इस गिरावट के पीछे के कारण और बाजार की स्थिति।
 

आज का दिन भारतीय शेयर बाजार के लिए 'ब्लैक फ्राइडे'

भारतीय शेयर बाजार आज एक गंभीर गिरावट का सामना कर रहा है, जिसे 'ब्लैक फ्राइडे' कहा जा रहा है। ईरान-इजरायल के बीच बढ़ते संघर्ष और कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि ने निवेशकों के बीच चिंता का माहौल बना दिया है। सुबह 10:10 बजे तक, BSE Sensex में 886 अंकों की गिरावट आई, जिससे यह 75,147 पर पहुंच गया, जबकि Nifty50 281 अंकों की कमी के साथ 23,357 पर आ गया।


शेयर बाजार में गिरावट के कारण

शुक्रवार को घरेलू शेयर बाजार ने भारी गिरावट के साथ शुरुआत की। ईरान के संघर्ष के कारण वैश्विक अनिश्चितता ने निवेशकों के मनोबल को प्रभावित किया, जिससे बाजार में गिरावट और बढ़ गई। सुबह 10:10 बजे, BSE Sensex 886 अंकों की कमी के साथ 75,147 पर था, जबकि NSE Nifty50 281 अंकों की गिरावट के साथ 23,357 पर पहुंच गया। यह गिरावट ऐसे समय में आई है जब निवेशक पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के कारण सतर्क हैं।


बैंकिंग शेयरों में गिरावट

बैंकिंग क्षेत्र के प्रमुख शेयरों ने बेंचमार्क इंडेक्स में सबसे अधिक गिरावट का योगदान दिया। HDFC Bank के शेयरों में 2.3% से अधिक की कमी आई, जबकि State Bank of India में लगभग 1.9% की गिरावट देखी गई। Axis Bank, ICICI Bank और Kotak Mahindra Bank जैसे अन्य बैंक भी घाटे में कारोबार कर रहे थे। चूंकि Sensex और Nifty में वित्तीय शेयरों का महत्वपूर्ण योगदान है, इसलिए उनकी गिरावट ने पूरे बाजार को नीचे खींच लिया।


मेटल और इंफ्रास्ट्रक्चर शेयरों में बिकवाली

साइक्लिकल शेयरों में भी बिकवाली का दबाव देखा गया। Larsen & Toubro के शेयर लगभग 4% गिर गए, जबकि Tata Steel में करीब 3.8% की कमी आई। UltraTech Cement, Adani Ports और Maruti Suzuki भी इस सत्र में घाटे में रहे। इन क्षेत्रों में गिरावट निवेशकों की बढ़ती सतर्कता को दर्शाती है, क्योंकि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता बढ़ रही है।


डिफेंसिव शेयरों से मिली थोड़ी राहत

हालांकि पूरे बाजार में गिरावट के बावजूद, कुछ डिफेंसिव शेयरों ने बढ़त बनाए रखी। Hindustan Unilever में 1.3% से अधिक की वृद्धि हुई और यह इंडेक्स में सबसे अधिक बढ़ने वाले शेयरों में से एक रहा। Trent, Bharti Airtel और Reliance Industries भी बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे, जबकि ITC मामूली बढ़त के साथ हरे निशान में बना रहा। बाजार में उतार-चढ़ाव के दौरान अक्सर इन डिफेंसिव सेक्टरों में खरीदारी देखने को मिलती है।


फार्मा शेयरों में मजबूती

बिकवाली के बीच फार्मास्यूटिकल शेयरों ने अपेक्षाकृत मजबूती दिखाई। Geojit Investments के मुख्य निवेश रणनीतिकार डॉ. वी.के. विजयकुमार के अनुसार, मौजूदा भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें वैश्विक बाजारों पर दबाव बना रही हैं। उन्होंने कहा कि फार्मास्यूटिकल्स उन कुछ क्षेत्रों में से एक हैं जो इस उतार-चढ़ाव के दौर में भी मजबूती से टिके हुए हैं।