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भारतीय शेयर बाजार में मामूली गिरावट, निवेशकों का सतर्क रुख

भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी में मामूली गिरावट देखी गई। निवेशकों ने वैश्विक बाजारों में बिकवाली के चलते सतर्कता बरती। हिंदुस्तान यूनिलीवर के शेयर में सबसे अधिक गिरावट आई, जबकि कुछ कंपनियों ने लाभ दर्ज किया। जानें इस गिरावट के पीछे के कारण और बाजार की वर्तमान स्थिति के बारे में।
 

शेयर बाजार में गिरावट का कारण

मुंबई, 28 जुलाई: मंगलवार को स्थानीय शेयर बाजार में हल्की गिरावट देखी गई, जहां बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी दोनों सूचकांक लगभग स्थिर स्थिति में बंद हुए। इस सप्ताह प्रमुख केंद्रीय बैंकों की मौद्रिक नीति बैठकों से पहले और एशिया के अन्य बाजारों में भारी बिकवाली के चलते निवेशकों ने सतर्कता बरती। बीएसई सेंसेक्स 69.86 अंक यानी 0.09 प्रतिशत की कमी के साथ 76,765.92 अंक पर समाप्त हुआ।


सेंसेक्स और निफ्टी का प्रदर्शन

इस दौरान, सेंसेक्स ने 76,988.48 अंक के उच्चतम स्तर को छुआ और 76,672.77 अंक के न्यूनतम स्तर तक गिरा। इस अवधि में सूचकांक में 315.71 अंक का उतार-चढ़ाव देखा गया। वहीं, एनएसई का निफ्टी 10.60 अंक यानी 0.04 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ 23,985.35 अंक पर बंद हुआ।


कंपनियों के शेयरों में गिरावट

सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में हिंदुस्तान यूनिलीवर का शेयर सबसे अधिक 6.97 प्रतिशत गिरा, जिसका कारण कंपनी के शुद्ध लाभ में कमी थी। जून तिमाही में कंपनी का एकीकृत शुद्ध लाभ सालाना आधार पर 3.17 प्रतिशत घटकर 2,680 करोड़ रुपये रहा। इसके अलावा, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, एनटीपीसी, आईसीआईसीआई बैंक, पावर ग्रिड और रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर भी नुकसान में रहे।


लाभ में रहने वाले शेयर

हालांकि, लाभ में रहने वाले शेयरों में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस), इटर्नल, टेक महिंद्रा, इन्फोसिस और टाइटन शामिल हैं। जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा कि कच्चे तेल की कीमतों में कमी से मुद्रास्फीति और कच्चे माल की लागत को लेकर चिंता कम हुई है, जिससे बाजार को कुछ राहत मिली।


वैश्विक बाजारों का प्रभाव

हालांकि, इस सप्ताह अमेरिकी फेडरल रिजर्व, बैंक ऑफ इंग्लैंड और बैंक ऑफ जापान की मौद्रिक नीति बैठकों से पहले निवेशकों का रुख सतर्क बना रहा। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 2.82 प्रतिशत की गिरावट के साथ 85.87 डॉलर प्रति बैरल पर रहा। शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने सोमवार को 1,688.23 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।


एशियाई और यूरोपीय बाजारों की स्थिति

एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, जापान का निक्की और चीन का शंघाई कम्पोजिट गिरावट के साथ बंद हुए, जबकि हांगकांग का हैंगसेंग मामूली बढ़त में रहा। यूरोप के प्रमुख बाजारों में दोपहर के कारोबार में सकारात्मक रुख था, जबकि अमेरिकी बाजार सोमवार को मिले-जुले रुख के साथ बंद हुए थे। ऑनलाइन ट्रेडिंग कंपनी एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर ने कहा कि एशियाई बाजारों में व्यापक बिकवाली का असर भारतीय शेयर बाजारों में भी देखने को मिला।