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भारतीय शेयर बाजार में मामूली गिरावट, निवेशकों का सतर्क रुख

मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार में मामूली गिरावट आई, जहां बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी स्थिर स्थिति में बंद हुए। निवेशकों ने प्रमुख केंद्रीय बैंकों की मौद्रिक नीति बैठकों से पहले सतर्कता बरती। हिंदुस्तान यूनिलीवर के शेयर में सबसे अधिक गिरावट देखी गई, जबकि टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज जैसे कुछ शेयर लाभ में रहे। वैश्विक बाजारों में बिकवाली का असर भी भारतीय बाजारों पर पड़ा। जानें और क्या है बाजार की स्थिति और निवेशकों की धारणा।
 

शेयर बाजार का हाल

मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार में हल्की गिरावट देखी गई, जहां बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी दोनों सूचकांक लगभग स्थिर स्थिति में बंद हुए। इस सप्ताह प्रमुख केंद्रीय बैंकों की मौद्रिक नीति बैठकों से पहले और एशिया के अन्य बाजारों में भारी बिकवाली के चलते निवेशकों ने सतर्कता बरती।


बीएसई सेंसेक्स, जो तीस शेयरों पर आधारित है, 69.86 अंक यानी 0.09 प्रतिशत की गिरावट के साथ 76,765.92 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान, यह 76,988.48 अंक के उच्चतम स्तर और 76,672.77 अंक के न्यूनतम स्तर तक पहुंचा। इस दौरान सूचकांक में 315.71 अंक का उतार-चढ़ाव देखा गया।


निफ्टी का प्रदर्शन

एनएसई का निफ्टी, जो 50 शेयरों पर आधारित है, 10.60 अंक यानी 0.04 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ 23,985.35 अंक पर बंद हुआ। सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में हिंदुस्तान यूनिलीवर का शेयर सबसे अधिक 6.97 प्रतिशत गिरा, जिसका कारण कंपनी के शुद्ध लाभ में कमी था। अप्रैल-जून तिमाही में कंपनी का एकीकृत शुद्ध लाभ 3.17 प्रतिशत की गिरावट के साथ 2,680 करोड़ रुपये रहा।


अन्य कंपनियों का प्रदर्शन

इसके अलावा, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, एनटीपीसी, आईसीआईसीआई बैंक, पावर ग्रिड और रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर भी नुकसान में रहे। दूसरी ओर, लाभ में रहने वाले शेयरों में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस), इटर्नल, टेक महिंद्रा, इन्फोसिस और टाइटन शामिल हैं।


छोटी कंपनियों से संबंधित स्मॉलकैप सेलेक्ट सूचकांक 0.21 प्रतिशत गिरा, जबकि मिडकैप सेलेक्ट सूचकांक 0.35 प्रतिशत बढ़ा।


क्षेत्रवार प्रदर्शन

क्षेत्रवार सूचकांकों में पूंजीगत वस्तुएं 2.40 प्रतिशत, बिजली 2.36 प्रतिशत, जन केंद्रित सेवाएं 1.75 प्रतिशत, एफएमसीजी 1.27 प्रतिशत, औद्योगिक 1.22 प्रतिशत, ऊर्जा 0.68 प्रतिशत और जिंस 0.68 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुए।


वहीं, फोकस्ड आईटी 3.44 प्रतिशत, आईटी 3.05 प्रतिशत, रियल्टी 2.19 प्रतिशत, टिकाऊ उपभोक्ता 1.32 प्रतिशत, वाहन 0.71 प्रतिशत और सोच-विचार कर लिए जाने वाले उत्पादों से जुड़े क्षेत्र 0.62 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुए।


निवेशकों की धारणा

बीएसई में कुल 2,629 शेयरों में गिरावट आई, जबकि 1,626 शेयर लाभ में रहे। जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा कि कच्चे तेल की कीमतों में कमी से मुद्रास्फीति और कच्चे माल की लागत को लेकर चिंता कम हुई है, जिससे बाजार को कुछ राहत मिली। हालांकि, अमेरिकी फेडरल रिजर्व, बैंक ऑफ इंग्लैंड और बैंक ऑफ जापान की मौद्रिक नीति बैठकों से पहले निवेशकों का रुख सतर्क बना रहा।


ऑनलाइन ट्रेडिंग कंपनी एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर ने बताया कि एशियाई बाजारों में व्यापक बिकवाली का असर भारतीय शेयर बाजारों पर भी पड़ा, जिससे निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई।


वैश्विक बाजारों का प्रभाव

वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 2.82 प्रतिशत की गिरावट के साथ 85.87 डॉलर प्रति बैरल पर रहा। शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने सोमवार को 1,688.23 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।


एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, जापान का निक्की और चीन का शंघाई कम्पोजिट गिरावट के साथ बंद हुए, जबकि हांगकांग का हैंगसेंग मामूली बढ़त में रहा।


यूरोप के प्रमुख बाजारों में दोपहर के कारोबार में सकारात्मक रुख था, जबकि अमेरिकी बाजार सोमवार को मिले-जुले रुख के साथ बंद हुए थे।