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भारतीय शेयर बाजार में मामूली बढ़त, निवेशकों को मिला लाभ

बुधवार को भारतीय शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच मामूली बढ़त देखने को मिली। सेंसेक्स और निफ्टी में वृद्धि हुई, जिससे निवेशकों को लाभ हुआ। विभिन्न सेक्टरों में प्रदर्शन में भिन्नता देखी गई, जबकि ऑयल एंड गैस क्षेत्र में सबसे अधिक वृद्धि हुई। जानें बाजार के हालात और भविष्य की संभावनाएं, जिसमें तकनीकी दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण स्तरों का उल्लेख किया गया है।
 

बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच सकारात्मक संकेत

पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्षों के बीच वैश्विक बाजारों से मिले-जुले संकेतों के कारण बुधवार को भारतीय शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिला, लेकिन अंततः मामूली बढ़त के साथ बंद हुआ।


इस दिन, सेंसेक्स 117.54 अंकों की वृद्धि के साथ 75,318.39 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 ने 41 अंकों की बढ़त के साथ 23,659 का स्तर छुआ।


बीएसई सेंसेक्स 74,806.49 पर खुला और 75,406.18 का इंट्रा-डे उच्चतम स्तर और 74,529.41 का न्यूनतम स्तर बनाया। एनएसई निफ्टी ने 23,457.25 पर शुरुआत की और 23,690.90 का दिन का उच्चतम स्तर और 23,397.30 का न्यूनतम स्तर देखा।


सेक्टरवार प्रदर्शन

व्यापक बाजार में, निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 0.49 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.04 प्रतिशत की मामूली वृद्धि हुई।


सेक्टरवार प्रदर्शन में, ऑयल एंड गैस क्षेत्र में 1.59 प्रतिशत की सबसे अधिक वृद्धि देखी गई। इसके अलावा, निफ्टी ऑटो, निफ्टी रियल्टी, निफ्टी पीएसयू बैंक, निफ्टी प्राइवेट बैंक और निफ्टी मेटल में भी तेजी आई। हालांकि, निफ्टी मीडिया में 1.45 प्रतिशत की गिरावट आई।


निवेशकों के लिए लाभ

निफ्टी50 इंडेक्स में हिंडाल्को, बजाज-ऑटो, ग्रासिम, ट्रेंट, एक्सिस बैंक, विप्रो और इंडिगो के शेयरों में सबसे अधिक तेजी देखी गई। इसके विपरीत, बीईएल, टेक महिंद्रा, इटरनल, टाटा स्टील, एसबीआई लाइफ और डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज के शेयरों में गिरावट आई।


इस दौरान, बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैप 459 लाख करोड़ रुपए से बढ़कर 461 लाख करोड़ रुपए हो गया, जिससे निवेशकों को इस सत्र में लगभग 2 लाख करोड़ रुपए का लाभ हुआ।


भविष्य की संभावनाएं

विश्लेषकों का मानना है कि हाल के दिनों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में वृद्धि से तेल कंपनियों को लाभ हुआ है। ब्रेंट क्रूड की कीमतें इस सप्ताह की शुरुआत में 111-112 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थीं, लेकिन अब यह 105-106 डॉलर के आसपास आ गई हैं।


एक मार्केट एक्सपर्ट ने बताया कि भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले कमजोर होकर 97 रुपए के करीब पहुंच गया है।


तकनीकी दृष्टिकोण से, निफ्टी के लिए 23,700 और 23,800 का स्तर निकटतम रेजिस्टेंस बन गया है। यदि निफ्टी 24,000 के ऊपर टिकने में सफल होता है, तो बाजार में तेजी लौट सकती है।