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भारतीय शेयर बाजार में स्थिरता, निवेशकों की सतर्कता बनी रही

बृहस्पतिवार को भारतीय शेयर बाजार में स्थिरता देखी गई, जहां सेंसेक्स मामूली गिरावट के साथ बंद हुआ। अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों में वृद्धि के संकेतों ने निवेशकों को सतर्क कर दिया। जानें कौन से शेयरों में गिरावट आई और कौन से शेयरों ने बढ़त दिखाई। इसके अलावा, वैश्विक बाजारों की स्थिति और आईपीओ गतिविधियों पर भी एक नजर डालें।
 

शेयर बाजार की स्थिति

अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में वृद्धि और मौद्रिक नीति में सख्ती के संकेतों के चलते निवेशकों की सतर्कता के कारण, घरेलू शेयर बाजार बृहस्पतिवार को लगभग स्थिर बंद हुआ। बीएसई का सेंसेक्स 21.86 अंक यानी 0.03 प्रतिशत की गिरावट के साथ 74,314.59 अंक पर समाप्त हुआ। कारोबार के दौरान, यह 341.11 अंक यानी 0.45 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 74,677.56 अंक तक पहुंच गया था, लेकिन बाद में अपनी बढ़त खो दी।


वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 53 अंक यानी 0.23 प्रतिशत की मामूली वृद्धि के साथ 23,270.60 अंक पर बंद हुआ। सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में एचडीएफसी बैंक, टाइटन, आईसीआईसीआई बैंक, भारतीय स्टेट बैंक, भारती एयरटेल और एक्सिस बैंक के शेयरों में सबसे अधिक गिरावट देखी गई।


बाजार में बढ़त और गिरावट

इसके विपरीत, टाटा स्टील, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, इंटरग्लोब एविएशन (इंडिगो), इटर्नल, मारुति और एशियन पेंट्स के शेयरों में वृद्धि हुई। एचएसटी वेल्थ के सीईओ हरिसेल्वन राधाकृष्णन ने कहा, "भारतीय शेयर बाजार सीमित दायरे में कारोबार करते हुए मिले-जुले रुख के साथ बंद हुआ। कुछ शेयरों में लिवाली ने निफ्टी को समर्थन दिया, लेकिन निजी क्षेत्र के बैंकों और आईटी कंपनियों के शेयरों में कमजोरी ने व्यापक सुधार को सीमित कर दिया।"


छोटी कंपनियों के लिए बीएसई स्मॉलकैप सिलेक्ट सूचकांक 0.95 प्रतिशत और मिडकैप सिलेक्ट सूचकांक 0.72 प्रतिशत बढ़ा।


क्षेत्रवार प्रदर्शन

बीएसई के क्षेत्रवार सूचकांकों में बीमा क्षेत्र में सबसे अधिक 3.23 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि शीर्ष 10 बैंकों का सूचकांक 0.72 प्रतिशत गिर गया। अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा नीतिगत ब्याज दर में 0.25 प्रतिशत की वृद्धि और इस साल एक और बढ़ोतरी के संकेतों के चलते बाजार की धारणा सतर्क बनी रही।


रेलिगेयर ब्रोकिंग के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (शोध) अजित मिश्रा ने कहा, "वैश्विक बाजारों से मिले संकेत अनिश्चितता का एक प्रमुख कारण बने रहे। फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दर में 0.25 प्रतिशत की वृद्धि और आगे भी दरें बढ़ाने के संकेत से डॉलर एवं बॉंड प्रतिफल ऊंचे बने रहे।"


आईपीओ और वैश्विक बाजार

देश के सबसे बड़े शेयर बाजार का संचालन करने वाली कंपनी नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया (एनएसई) का 22,569 करोड़ रुपये का आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) बृहस्पतिवार को बोली के लिए खुल गया। एशिया के अन्य बाजारों में जापान का निक्की बढ़त में बंद हुआ, जबकि दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, चीन का एसएसई कम्पोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग गिरावट के साथ बंद हुए।


अमेरिकी बाजार बुधवार को गिरावट के साथ बंद हुए थे। अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट क्रूड का वायदा भाव 1.61 प्रतिशत टूटकर 104.1 डॉलर प्रति बैरल पर रहा। शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने बुधवार को 2,032.61 करोड़ रुपये मूल्य के शेयरों की बिकवाली की।


पिछले दिन का प्रदर्शन

सेंसेक्स बुधवार को 332.63 अंक और निफ्टी 99 अंक की बढ़त के साथ बंद हुआ था।