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भारतीय सर्राफा बाजार में सोने की कीमतों में ऐतिहासिक उछाल

भारतीय सर्राफा बाजार में सोने की कीमतें आज एक नई ऊंचाई पर पहुंच गई हैं, जो वैश्विक आर्थिक अस्थिरता और राजनीतिक तनाव के कारण है। विशेषज्ञों का कहना है कि ग्रीनलैंड विवाद, जापानी बॉंड मार्केट में हलचल और रुपये की कमजोरी ने इस वृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। निवेशकों को मौजूदा स्तरों पर नई खरीदारी से बचने की सलाह दी गई है। जानें और क्या हो रहा है इस क्षेत्र में।
 

सोने की कीमतों में रिकॉर्ड वृद्धि

वैश्विक आर्थिक अस्थिरता के बीच, भारतीय सर्राफा बाजार में सोने की कीमतें आज एक नई ऊंचाई पर पहुंच गईं। बुधवार को घरेलू बाजार में सोने की कीमतें 4.5% की वृद्धि के साथ ₹1,57,371 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गईं।


सोने की कीमतों में वृद्धि के प्रमुख कारण

विशेषज्ञों के अनुसार, इस अभूतपूर्व वृद्धि के पीछे तीन मुख्य अंतरराष्ट्रीय कारक हैं:


1. ग्रीनलैंड विवाद और वैश्विक तनाव

ग्रीनलैंड के मुद्दे पर बढ़ते अंतरराष्ट्रीय तनाव ने निवेशकों को चिंतित कर दिया है, जिससे वे शेयर बाजार से धन निकालकर सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की ओर आकर्षित हो रहे हैं।


2. जापानी बॉंड मार्केट में हलचल

जापानी सरकारी बॉंड में उथल-पुथल ने वैश्विक वित्तीय स्थिरता पर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिसका लाभ सोने को मिल रहा है।


3. कमजोर डॉलर और रुपये की गिरावट

अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये का ₹91.73 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर गिरना, घरेलू स्तर पर सोने की कीमतों को और बढ़ा रहा है।


वैश्विक चिंताओं का सोने की कीमतों पर प्रभाव

दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में तीखी बयानबाजी के बाद निवेशकों का मनोबल प्रभावित हुआ है, जिससे अमेरिका और यूरोप के बीच संबंधों में गिरावट का संकेत मिला है। इस अनिश्चितता ने डॉलर को कमजोर किया है, जिससे सोने की मांग बढ़ी है।


रुपये की कमजोरी से सोने की कीमतों में वृद्धि

घरेलू सोने की कीमतों को कमजोर रुपये से भी समर्थन मिला है, जो 91 रुपये प्रति डॉलर के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे गिर गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस दबाव ने MCX सोने की कीमतों में वृद्धि को और बढ़ावा दिया है।


बाजार की स्थिति और भविष्यवाणी

पोनमुडी आर ने कहा कि MCX सोना वैश्विक मजबूती को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि कीमतों का ढांचा मजबूत बना हुआ है और यदि 1,58,000 रुपये-1,59,000 रुपये के स्तर से ऊपर ब्रेकआउट होता है, तो अगला कदम 1,62,000 रुपये-1,65,000 रुपये की ओर हो सकता है।


राजनीतिक तनाव और बाजार की चिंताएं

डॉ. रेनिशा चैनानी ने कहा कि राजनीतिक तनाव बढ़ने से बाजार में नर्वसनेस बढ़ गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा यूरोपीय देशों पर टैरिफ लगाने की घोषणा ने निवेशकों को चिंतित कर दिया है।


निवेशकों के लिए सलाह

सोने की कीमतों के रिकॉर्ड स्तर पर होने के कारण, विशेषज्ञों का सुझाव है कि निवेशकों को मौजूदा स्तरों पर नई खरीदारी से बचना चाहिए। जो पहले से सोना रखते हैं, वे होल्ड करने या आंशिक मुनाफा बुक करने पर विचार कर सकते हैं।