भारतीय स्टार्टअप्स में वृद्धि: 2026 में 51 कंपनियों का मूल्यांकन 50 करोड़ डॉलर से अधिक
भारतीय स्टार्टअप्स की संख्या में वृद्धि
मुंबई, तीन नवंबर: भारतीय स्टार्टअप्स में 50 करोड़ डॉलर से अधिक मूल्यांकन वाली कंपनियों की संख्या 2026 में बढ़कर 51 हो गई है, जो कि पिछले वर्ष 47 थी। यह वृद्धि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) क्षेत्र की कंपनियों की संख्या में कमी के बावजूद हुई है।
रिपोर्ट के मुख्य बिंदु
एक रिपोर्ट के अनुसार, एएसके प्राइवेट वेल्थ द्वारा जारी 'हुरुन इंडिया गजेल इंडेक्स, 2026' में बताया गया है कि इन 51 कंपनियों का कुल मूल्यांकन लगभग 3.3 लाख करोड़ रुपये (34.1 अरब डॉलर) है। इनका औसत मूल्यांकन लगभग 6,400 करोड़ रुपये है और ये 60,000 से अधिक लोगों को रोजगार प्रदान करती हैं।
राजस्व में वृद्धि
रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि इन कंपनियों का कुल राजस्व 33,233 करोड़ रुपये रहा, जो कि सालाना आधार पर 50 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। हुरुन इंडिया के संस्थापक और मुख्य शोधकर्ता अनस रहमान जुनैद ने कहा कि इस सूची में एआई क्षेत्र की केवल तीन कंपनियां शामिल हैं: एमा एआई, ऑब्जर्व एआई और यूनिफाईऐप्स।
यूनिकॉर्न कंपनियों की संख्या
इसके बावजूद, 50 करोड़ डॉलर से अधिक मूल्यांकन वाली भारतीय कंपनियों की संख्या इस वर्ष बढ़कर 51 हो गई है। रिपोर्ट के अनुसार, 2026 में सात स्टार्टअप कंपनियों का मूल्यांकन एक अरब डॉलर से अधिक हो गया, जिससे वे यूनिकॉर्न बन गईं। इनमें ट्विन हेल्थ का मूल्यांकन 70 करोड़ डॉलर से बढ़कर दो अरब डॉलर हो गया।
उद्यमिता का विकास
एएसके प्राइवेट वेल्थ के सह-संस्थापक और सीईओ राजेश सलूजा ने कहा कि यह उद्यमिता के विकास को दर्शाता है, जो विभिन्न क्षेत्रों और भौगोलिक स्थानों में फैल रहा है और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने की क्षमता रखता है।
उभरते क्षेत्र
रिपोर्ट में कहा गया है कि एआई और स्वच्छ प्रौद्योगिकी जैसे उभरते क्षेत्रों में तीन-तीन स्टार्टअप कंपनियां शामिल हैं। एआई समूह में एमा एआई, ऑब्जर्व एआई और यूनिफाईऐप्स हैं, जबकि स्वच्छ प्रौद्योगिकी में कार्बन क्लीन सॉल्यूशंस, लोहुम और रेजॉन सोलर शामिल हैं।
शेयर बाजार में सूचीबद्ध स्टार्टअप्स
दो स्टार्टअप कंपनियां शेयर बाजारों में सूचीबद्ध हुईं, जिनमें जनवरी 2026 में शैडोफैक्स और जून 2026 में टर्टलमिंट शामिल हैं। रिपोर्ट के अनुसार, 10 स्टार्टअप कंपनियों का मुख्यालय भारत से बाहर है, जिनमें से सात अमेरिका, दो सिंगापुर और एक ब्रिटेन में स्थित हैं।
शिक्षा का योगदान
स्टार्टअप कंपनियों की संख्या के मामले में भारत अमेरिका और चीन के बाद तीसरे स्थान पर है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि स्टार्टअप संस्थापकों के स्नातक अध्ययन के लिए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), खड़गपुर सबसे प्रमुख संस्थान है, जहां से 13 संस्थापकों ने पढ़ाई की है।
महिला संस्थापकों की भूमिका
रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि छह स्टार्टअप कंपनियों में महिला संस्थापक हैं, जिनमें एटलान की प्रुकल्पा शंकर, स्टैशफिन की श्रुति अग्रवाल, फिनोवा कैपिटल की सुनीता साहनी, आईएनडीमनी की अमृता सिरोहिया, प्रोगकैप की पल्लवी श्रीवास्तव और जीवा की निकिता प्रसाद शामिल हैं।