मध्य पूर्व तनाव से वैश्विक तेल आपूर्ति पर संकट: आईईए की चेतावनी
वैश्विक अर्थव्यवस्था पर बढ़ता दबाव
मध्य पूर्व में चल रहे तनाव ने अब वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गया है। ईरान युद्ध और हॉर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने से वैश्विक तेल और गैस की आपूर्ति पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (आईईए) ने चेतावनी दी है कि यदि स्थिति में सुधार नहीं होता है, तो दुनिया जुलाई तक 'रेड ज़ोन' जैसी गंभीर स्थिति का सामना कर सकती है।
हॉर्मुज जलडमरूमध्य का महत्व
हॉर्मुज जलडमरूमध्य को दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री ऊर्जा मार्गों में से एक माना जाता है, जहां से कुल ऊर्जा व्यापार का लगभग 20 प्रतिशत गुजरता है। ईरान के भौगोलिक नियंत्रण के कारण इस क्षेत्र में यातायात प्रभावित हुआ है, जिससे प्रतिदिन लगभग 1.4 करोड़ बैरल तेल की आपूर्ति बाधित हो गई है।
आईईए की चेतावनी
आईईए के प्रमुख फातिह बिरोल ने बताया कि लगातार आपूर्ति में रुकावट और भंडार में कमी के कारण वैश्विक तेल बाजार 'रेड ज़ोन' में पहुंच सकता है। इसका अर्थ है कि मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त तेल भंडार नहीं बचेगा, जिससे किसी भी नए संकट के दौरान कीमतों में भारी वृद्धि हो सकती है।
अतिरिक्त भंडार की कमी
मार्च में आईईए और उसके सदस्य देशों ने आपूर्ति संकट को नियंत्रित करने के लिए 40 करोड़ बैरल तेल जारी किया था। लेकिन अब यह अतिरिक्त भंडार तेजी से समाप्त हो रहा है, जिससे गरीब और विकासशील देशों पर सबसे अधिक प्रभाव पड़ने की आशंका है।
कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि
कच्चे तेल की कीमतों में पहले ही तेजी देखी जा चुकी है। युद्ध से पहले ब्रेंट क्रूड की कीमत लगभग 72 डॉलर प्रति बैरल थी, जो अब 104 से 105 डॉलर प्रति बैरल के बीच पहुंच गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि संघर्ष फिर से बढ़ता है, तो कीमतें 120 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर जा सकती हैं।
भारत में ईंधन की कीमतों पर प्रभाव
भारत में भी इस स्थिति का असर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। हाल के महीनों में विमान ईंधन की कीमतों में तेजी से वृद्धि हुई है। अप्रैल में विमान ईंधन की कीमत लगभग 25 प्रतिशत बढ़ गई थी, और मई में अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए कीमतों में और वृद्धि की गई। दिल्ली में इसकी कीमत 1,511.86 डॉलर प्रति किलोलीटर तक पहुंच गई।
सरकार की राहत उपाय
दिल्ली और मुंबई में विमान ईंधन पर वैट में कमी की गई है। दिल्ली में वैट को 25 प्रतिशत से घटाकर 7 प्रतिशत किया गया है, जबकि मुंबई में इसे 18 प्रतिशत से घटाकर 7 प्रतिशत कर दिया गया है। यह राहत अगले छह महीनों तक लागू रहेगी।
पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि
पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भी लगातार वृद्धि हो रही है। पिछले सप्ताह दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 98.64 रुपये प्रति लीटर और मुंबई में 107.59 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गई। इससे पहले देशभर में ईंधन की कीमतों में 3 रुपये प्रति लीटर तक की वृद्धि हुई थी।
भविष्य की चिंता
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि जुलाई तक हॉर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति सामान्य नहीं होती है, तो दुनिया गंभीर आपूर्ति संकट में फंस सकती है। ऐसे में तेल कंपनियों को वैकल्पिक स्रोतों की तलाश करनी होगी, जिससे लागत में वृद्धि होगी और आम जनता पर महंगाई का बोझ बढ़ सकता है।
अमेरिका-ईरान वार्ता की स्थिति
इस बीच, अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत भी ठप पड़ी हुई है। अमेरिका चाहता है कि ईरान अपना परमाणु कार्यक्रम समाप्त करे, जबकि ईरान युद्ध से हुए नुकसान की भरपाई और तेल निर्यात पर लगी पाबंदियों को हटाने की मांग कर रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने भी संकेत दिए हैं कि यदि बातचीत विफल होती है, तो स्थिति और बिगड़ सकती है।
दीर्घकालिक समाधान की आवश्यकता
अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी ने कहा है कि आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त तेल भंडार जारी किए जा सकते हैं, लेकिन दीर्घकालिक समाधान के लिए हॉर्मुज जलडमरूमध्य का फिर से खुलना अत्यंत आवश्यक है।