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मध्य पूर्व में तनाव से वैश्विक ऊर्जा बाजार पर असर

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव का वैश्विक ऊर्जा बाजार पर गहरा असर पड़ा है, जिससे कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं। हाल ही में सऊदी अरब के तेल टैंकरों पर हुए हमलों के बाद ब्रेंट कच्चा तेल 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह स्थिति जारी रही, तो ईंधन की कीमतों में और वृद्धि हो सकती है। जानें इस घटनाक्रम के पीछे के कारण और भविष्य में क्या संभावनाएं हैं।
 

वैश्विक ऊर्जा बाजार में उथल-पुथल

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव का प्रभाव वैश्विक ऊर्जा बाजार पर स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है। लाल सागर में सऊदी अरब के दो तेल टैंकरों पर हुए हमलों के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है। हालिया आंकड़ों के अनुसार, ब्रेंट कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के स्तर को पार कर गई है, जो मई के बाद पहली बार हुआ है.


हमले की जिम्मेदारी और बढ़ता तनाव

यमन के हूती समूह ने सऊदी अरब के तेल टैंकरों पर हमले की जिम्मेदारी ली है। यह घटना उस समय हुई है जब कुछ दिन पहले सऊदी अरब ने यमन की राजधानी सना के हवाई अड्डे पर हमले किए थे, जिससे दोनों पक्षों के बीच तनाव और बढ़ गया है। इस घटनाक्रम ने वैश्विक बाजार में तेल और गैस की आपूर्ति को लेकर नई चिंताएं उत्पन्न कर दी हैं.


कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि

अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट कच्चा तेल लगभग 7 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 100.79 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया है। इसी तरह, पश्चिम टेक्सास कच्चे तेल की कीमत भी लगभग 6 प्रतिशत बढ़कर 91.83 डॉलर प्रति बैरल हो गई है। भारत के घरेलू वायदा बाजार में भी इसका प्रभाव देखने को मिला है, जहां अगस्त डिलीवरी वाले कच्चे तेल के अनुबंध में लगभग 6 प्रतिशत की तेजी आई है.


महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग

विशेषज्ञों का मानना है कि लाल सागर से गुजरने वाला समुद्री मार्ग वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि इस क्षेत्र में हमले जारी रहे, तो सऊदी अरब सहित कई तेल उत्पादक देशों के निर्यात पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है, जिससे वैश्विक ईंधन की कीमतों और महंगाई पर दबाव बढ़ सकता है.


भविष्य की संभावनाएं

इस वर्ष अप्रैल में मध्य पूर्व में संघर्ष के दौरान ब्रेंट कच्चे तेल की कीमत 126 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थी, लेकिन बाद में स्थिति सामान्य होने पर कीमतें घटकर लगभग 71 डॉलर तक आ गई थीं। अब नए तनाव के कारण बाजार में फिर से तेजी देखने को मिल रही है. अमेरिकी राष्ट्रपति ने चेतावनी दी है कि यदि हूती समूह द्वारा ऐसे हमले दोबारा किए जाते हैं, तो अमेरिका इसके लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराएगा. निवेश बैंक गोल्डमैन सैक्स ने भी चेतावनी दी है कि यदि होरमुज जलडमरूमध्य से तेल आपूर्ति सामान्य नहीं हुई, तो वर्ष के अंत तक ब्रेंट कच्चे तेल की कीमत 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती है.


आगे की दिशा

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में मध्य पूर्व की स्थिति, समुद्री व्यापार मार्गों की सुरक्षा और प्रमुख देशों की कूटनीतिक पहल वैश्विक तेल बाजार की दिशा को काफी हद तक प्रभावित करेगी.