मलेशिया एयरलाइंस भारत में साझेदारी के लिए तैयार, बढ़ती यात्रा मांग पर ध्यान
भारत के साथ साझेदारी की संभावनाएं
मलेशिया एयरलाइंस के सीईओ नसरुद्दीन ए बकर ने बताया कि उनकी कंपनी भारत के साथ किसी भी प्रकार की साझेदारी के लिए तैयार है, बशर्ते यह दोनों पक्षों के लिए फायदेमंद हो। उन्होंने कहा कि भारत में कॉरपोरेट यात्रा और परिवार व मित्रों से मिलने वाले यात्रियों की मांग में वृद्धि देखी जा रही है। यह विमानन कंपनी भारत में 10 गंतव्यों के लिए उड़ानें संचालित करती है।
हवाई यातायात अधिकारों की चुनौतियां
हालांकि, कंपनी भारत में अपने नेटवर्क का विस्तार करना चाहती है, लेकिन दोनों देशों के बीच हवाई यातायात अधिकारों की सीमाएं इसे रोक रही हैं। मलेशिया एयरलाइंस ने बताया कि खाड़ी देशों में युद्ध के चलते उसके कुल परिचालन खर्च में ईंधन की हिस्सेदारी 40 प्रतिशत से बढ़कर 55 प्रतिशत हो गई है। इस स्थिति से निपटने के लिए, कंपनी ने उड़ानों की क्षमता में 5 प्रतिशत की कमी और हवाई किराए में 20 प्रतिशत की वृद्धि की है।
ईंधन की कीमतों में स्थिरता के उपाय
इसके अतिरिक्त, मलेशिया एयरलाइंस ने 2026 के लिए अपनी 36 प्रतिशत ईंधन आवश्यकताओं की कीमतों में उतार-चढ़ाव से बचाव के लिए व्यवस्था की है। बकर ने एक मीडिया चैनल के साथ बातचीत में कहा, 'साझेदारी हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण है। हम मानते हैं कि यह आगे बढ़ने का एक प्रमुख तरीका है।'
इंडिगो के साथ रणनीतिक साझेदारी
उन्होंने यह भी बताया कि उनकी कंपनी की इंडिगो के साथ एक रणनीतिक कोडशेयर साझेदारी है, जिससे मलेशिया एयरलाइंस को भारत में गोवा समेत छह अतिरिक्त गंतव्यों तक अपनी सेवाएं बढ़ाने में मदद मिली है। यह साझेदारी कुआलालंपुर के लिए उड़ान भरने वाले सभी स्थानों से यात्रियों को जोड़ने और संपर्क सुविधा को बेहतर बनाने में भी सहायक है।