×

महंगाई का नया झटका: 5 किलो LPG सिलेंडर की कीमत में भारी बढ़ोतरी

मई की शुरुआत में महंगाई ने आम जनता को एक नया झटका दिया है। 5 किलो LPG सिलेंडर की कीमत में ₹261 की वृद्धि हुई है, जिससे घरेलू बजट पर सीधा असर पड़ा है। यह बढ़ोतरी विशेष रूप से प्रवासी मजदूरों और छात्रों को प्रभावित करेगी, जो इस सिलेंडर पर निर्भर हैं। इसके अलावा, छोटे व्यवसायों पर भी इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। जानें इस बढ़ोतरी के पीछे के कारण और इसके व्यापक प्रभाव के बारे में।
 

महंगाई का बड़ा असर


नई दिल्ली: मई की शुरुआत में आम जनता के लिए महंगाई ने एक नया संकट खड़ा कर दिया है। कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में भारी वृद्धि के बाद, अब 5 किलो के छोटे LPG सिलेंडर की कीमत में भी बड़ा इजाफा हुआ है, जिससे घरेलू बजट पर सीधा असर पड़ा है।


5 किलो सिलेंडर की कीमत में वृद्धि

सूत्रों के अनुसार, 'छोटू' सिलेंडर के दाम में ₹261 की बढ़ोतरी की गई है। इस दोहरी महंगाई ने खासकर उन लोगों को प्रभावित किया है, जो रोजाना कमाकर अपना गुजारा करते हैं।


अब कितनी है कीमत?


इस बढ़ोतरी के बाद, 5 किलो वाले सिलेंडर की कीमत ₹549 से बढ़कर ₹810 हो गई है। यह एक साथ ₹261 की वृद्धि छोटे उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ा झटका है।


कमर्शियल सिलेंडर में भी उछाल

इससे पहले, 19 किलो के कमर्शियल सिलेंडर की कीमत में ₹993 की वृद्धि की गई थी, जिसके बाद दिल्ली में इसकी कीमत ₹2,078.50 से बढ़कर ₹3,071.50 हो गई है।


किस पर पड़ेगा सबसे ज्यादा असर?

5 किलो के छोटे सिलेंडर का उपयोग मुख्य रूप से वे लोग करते हैं जो किराए पर रहते हैं या जिनका स्थायी निवास नहीं होता।


प्रवासी मजदूर और छात्र प्रभावित


दूसरे राज्यों में काम करने वाले मजदूर और पढ़ाई के लिए शहरों में रहने वाले छात्र इस सिलेंडर पर निर्भर रहते हैं। अब उनके मासिक खर्च में भारी इजाफा होगा।


छोटे कारोबारियों पर भी असर

रेहड़ी-पटरी चलाने वाले, छोटे ढाबा संचालक और दैनिक कमाई पर निर्भर लोग भी इस बढ़ोतरी से प्रभावित होंगे, क्योंकि उनके लिए अब खाना बनाना महंगा हो जाएगा।


वैश्विक हालात का प्रभाव

गैस की कीमतों में इस तेजी के पीछे अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों को जिम्मेदार माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि 28 फरवरी को ईरान पर अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए हमले के बाद वैश्विक स्तर पर LPG की आपूर्ति प्रभावित हुई है।


भारत में इसके संकेत पहले से दिखाई दे रहे थे, और अब कीमतों में हुई इस ताजा बढ़ोतरी ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है।