महिंद्रा एंड महिंद्रा का लाभ 34% बढ़ा, पहली तिमाही में 5,455 करोड़ रुपये
महिंद्रा एंड महिंद्रा का वित्तीय प्रदर्शन
मुंबई, 30 जुलाई: वाहन निर्माता महिंद्रा एंड महिंद्रा (एमएंडएम) लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में 34 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 5,455 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की इसी तिमाही में कंपनी का शुद्ध मुनाफा 4,083 करोड़ रुपये था। कंपनी ने बृहस्पतिवार को एक बयान में बताया कि इस तिमाही में उसका राजस्व 28 प्रतिशत बढ़कर 58,188 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले वर्ष की इसी तिमाही में 45,529 करोड़ रुपये था।
वाहन और कृषि क्षेत्र में वृद्धि के साथ-साथ लाभप्रदता में भी सुधार देखने को मिला, जहां दोनों खंडों का लाभ सालाना आधार पर 18 प्रतिशत बढ़ा। अप्रैल से जून की तिमाही में कंपनी ने कुल 3,04,000 वाहन बेचे, जो कि पिछले वर्ष की तुलना में 23 प्रतिशत अधिक है। इस दौरान स्पोर्ट्स यूटिलिटी वाहनों (एसयूवी) की बिक्री 1,75,000 इकाई तक पहुंच गई।
वित्तीय सेवा क्षेत्र में प्रबंधन के तहत परिसंपत्तियों (एयूएम) में 13 प्रतिशत की वृद्धि हुई। टेक महिंद्रा ने ब्याज और कर पूर्व आय (ईबीआईटी) मार्जिन में 3.3 प्रतिशत का सुधार किया, जिससे लाभप्रदता में वृद्धि जारी रही। महिंद्रा लॉजिस्टिक के राजस्व में भी 23 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
महिंद्रा एंड महिंद्रा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी अनीश शाह ने कहा, 'इस तिमाही में वृहद आर्थिक चुनौतियों के बावजूद हमारे विविधीकृत कारोबारी खंड की मजबूती और कठिन परिस्थितियों का सामना करने के लिए उठाए गए कदमों ने हमें मजबूत परिणाम देने में मदद की है।' उन्होंने यह भी बताया कि टेक महिंद्रा और महिंद्रा एंड महिंद्रा फाइनेंशियल सर्विसेज ने अपनी रणनीतिक प्राथमिकताओं में महत्वपूर्ण प्रगति की है।
राजेश जेजुरिकर, एमएंडएम के कार्यकारी निदेशक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (वाहन एवं कृषि क्षेत्र), ने कहा, 'वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में वाहन और ट्रैक्टर कारोबार ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।' एसयूवी की राजस्व बाजार हिस्सेदारी में तिमाही आधार पर 0.5 प्रतिशत और हल्के वाणिज्यिक वाहनों की मात्रा आधारित बाजार हिस्सेदारी में 1.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई। एक्सईवी 9एस बिक्री मात्रा के आधार पर भारत की सबसे अधिक बिकने वाली इलेक्ट्रिक कार बन गई है।
उन्होंने आगे कहा कि कंपनी के ट्रैक्टर कारोबार की बाजार हिस्सेदारी तिमाही आधार पर 2.8 प्रतिशत बढ़कर 44.9 प्रतिशत हो गई। समूह के मुख्य वित्त अधिकारी अमरज्योति बरुआ ने कहा, 'हमारी आपूर्ति श्रृंखला टीमों ने जिंस कीमतों में वृद्धि जैसी चुनौतियों के बावजूद उत्कृष्ट कार्य किया है। हम मजबूत बही-खाता बनाए रखते हुए मूल्य सृजन के अपने लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्ध हैं।'