महिला दिवस पर गौतम अदाणी ने महिलाओं के योगदान को सराहा
महिलाओं के प्रति आभार
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर, अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी ने रविवार को उन सभी महिलाओं का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने उनके जीवन और करियर को आकार दिया। उन्होंने बताया कि उनकी सफलता का आधार उनके परिवार से मिले मूल्यों और समर्थन पर निर्भर करता है।
लिंक्डइन पर एक लेख में, अदाणी ने अपनी मां, शांताबेन अदाणी के प्रभाव को याद किया। उन्होंने साझा किया कि कैसे बचपन में मां द्वारा सुनाई गई रामायण जैसी कहानियों ने उनमें साहस, त्याग और कर्तव्य के मूल्य स्थापित किए। अदाणी ने कहा कि इन सीखों की गहराई का एहसास उन्हें तब हुआ, जब 16 साल की उम्र में उन्होंने अपने करियर के लिए मुंबई जाने का निर्णय लिया।
परिवार का समर्थन
अदाणी ने उस मानसिक शक्ति को भी याद किया, जो उनकी मां ने उन्हें एक अनिश्चित भविष्य की ओर कदम बढ़ाने के लिए दी। इसके अलावा, उन्होंने अपनी पत्नी प्रीति अदाणी की सराहना की, जिन्होंने दंत चिकित्सा का करियर छोड़कर अदाणी फाउंडेशन का नेतृत्व किया। अदाणी फाउंडेशन आज देश के 22 राज्यों में शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका के क्षेत्रों में सक्रिय है और एक करोड़ से अधिक लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने में सफल रहा है।
नई पीढ़ी का योगदान
अदाणी ने अपनी बहुओं, परिधि अदाणी और दीवा अदाणी की प्रशंसा की, जिन्होंने परिवार में नई ऊर्जा और दृष्टिकोण लाया है। उन्होंने अपनी पोतियों से मिलने वाली खुशी का भी उल्लेख किया। अपने व्यावसायिक सफर को याद करते हुए, अदाणी ने कहा कि उद्यमियों का अंतिम लक्ष्य अगली पीढ़ी के लिए एक बेहतर भविष्य बनाना होता है।
उन्होंने कहा, "मैं हमेशा काम और परिवार के बीच संतुलन बनाने की कोशिश करता हूं। मैंने जो कुछ भी अपनी पहली दुनिया में बनाया है, वह मुझे दूसरी दुनिया से मिलने वाली ताकत के कारण संभव हुआ है।"
जीवन की नींव
अदाणी ने यह भी कहा कि जीवन की सबसे मजबूत नींव कंक्रीट या स्टील से नहीं, बल्कि उन लोगों से बनती है जो हमें एक व्यक्तित्व प्रदान करते हैं। उन्होंने अपनी मां को संस्कार देने के लिए, पत्नी प्रीति को मार्गदर्शक बनने के लिए, और अपनी बहुओं को परिवार में शक्ति और नया दृष्टिकोण लाने के लिए धन्यवाद दिया। अंत में, उन्होंने अपनी पोतियों का जिक्र करते हुए कहा कि वे हर दिन यह याद दिलाती हैं कि हमारा भविष्य अगली पीढ़ी के योग्य होना चाहिए।