महिलाओं की नेतृत्व क्षमता: कैंडेयर हुरुन इंडिया सूची में नए मानक स्थापित
महिलाओं की नेतृत्व सूची में प्रमुख नाम
एचसीएलटेक की चेयरपर्सन रोशनी नाडर मल्होत्रा संपत्ति सृजन में अग्रणी हैं। वहीं, हिंदुस्तान यूनिलीवर की सीईओ प्रिया नायर ने 'पेशेवर सीईओ' श्रेणी में शीर्ष स्थान प्राप्त किया है, जो 5,06,600 करोड़ रुपये मूल्य वाली कंपनी का नेतृत्व कर रही हैं। यह जानकारी 'कैंडेयर हुरुन इंडिया महिला नेतृत्व सूची' में दी गई है।
महिलाओं की संख्या में वृद्धि
इस वर्ष की सूची में 117 महिलाओं को शामिल किया गया है, जबकि 2025 में यह संख्या 97 थी। इस प्रकार, महिलाओं की संख्या में सालाना आधार पर 21 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। पिछले साल नौ श्रेणियों वाली इस सूची का दायरा बढ़ाकर 2026 में 12 श्रेणियों तक कर दिया गया है, ताकि महिला नेतृत्व के विविध पहलुओं को शामिल किया जा सके।
कंपनियों का मूल्यांकन
सूची में शामिल सभी महिलाओं से संबंधित कंपनियों का संयुक्त मूल्यांकन 39 लाख करोड़ रुपये है, जो फिनलैंड के जीडीपी से भी अधिक है। इस सूची में शामिल महिलाओं की औसत आयु 48 वर्ष है, और उनकी आयु 19 से 86 वर्ष के बीच है। बायोकॉन की संस्थापक किरण मजूमदार-शॉ और नायका की संस्थापक फाल्गुनी नायर प्रमुख नामों में शामिल हैं।
अनुभवी श्रेणी में शीर्ष स्थान
अपोलो हॉस्पिटल्स की प्रीता रेड्डी (68) और सुनीता रेड्डी (67) ने 'अनुभवी' श्रेणी में शीर्ष स्थान हासिल किया है। उनकी कंपनियों का संयुक्त मूल्यांकन 1,21,000 करोड़ रुपये से अधिक है। रीन्यू पावर की सह-संस्थापक वैशाली निगम सिन्हा (56) ने 'न्यू इकॉनमी' श्रेणी में शीर्ष स्थान प्राप्त किया है।
युवाओं और वरिष्ठों का योगदान
19 वर्ष की पैरा तीरंदाज शीतल देवी इस सूची में सबसे कम उम्र की महिला हैं, जबकि 86 वर्षीय उद्यमी रजनी बेक्टर सबसे वरिष्ठ सम्मानित महिला हैं। हुरुन इंडिया के संस्थापक अनस रहमान जुनैद ने कहा, 'जैसे-जैसे भारत की अर्थव्यवस्था और समाज विविध हो रहे हैं, हमारा लक्ष्य उन क्षेत्रों तक पहुंचना है, जहां अगली पीढ़ी की महिलाएं नेतृत्व स्तर पर काम कर रही हैं।'
महिलाओं की उपलब्धियों का सम्मान
कैंडेयर के प्रबंध निदेशक संजय रघुरामन ने कहा, 'इस सूची के दूसरे संस्करण में विभिन्न क्षेत्रों में नए मानक स्थापित करने वाली महिलाओं को सम्मानित किया गया है।' हुरुन इंडिया के साथ मिलकर हम उम्मीद करते हैं कि यह सम्मान आगे और प्रतिष्ठित होगा, प्रभावशाली कहानियों को सामने लाएगा और उन असाधारण महिलाओं का सम्मान करेगा, जिनकी उपलब्धियां आज के भारत को आकार दे रही हैं।