माइकल बरी की चेतावनी: क्या बाजार में है 1987 जैसी गिरावट का खतरा?
वॉल स्ट्रीट पर रिकॉर्ड और निवेशकों की चिंता
वॉल स्ट्रीट के प्रमुख सूचकांक लगातार नए उच्चतम स्तर पर पहुंच रहे हैं, और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से संबंधित कंपनियों में निवेशकों का उत्साह बढ़ता जा रहा है। लेकिन इसी समय, प्रसिद्ध निवेशक माइकल बरी ने बाजार के बारे में गंभीर चेतावनी दी है। उनका मानना है कि वर्तमान तेजी निवेशकों को आकर्षित कर रही है, लेकिन इसके पीछे ऐसे जोखिम छिपे हैं जो भविष्य में बाजार को बड़ी गिरावट की ओर ले जा सकते हैं।
1987 जैसी गिरावट की आशंका
फिल्म 'द बिग शॉर्ट' से मशहूर हुए माइकल बरी ने कहा है कि मौजूदा तेजी के बावजूद शेयर बाजार किसी बड़े मोड़ पर हो सकता है। उनके अनुसार, एसएंडपी 500 नए रिकॉर्ड बना रहा है, जिससे बाजार में और अधिक पैसा आने की संभावना है, जो आगे चलकर जोखिम बढ़ा सकता है। बरी का मानना है कि यदि परिस्थितियां बिगड़ती हैं, तो बाजार में 1987 जैसी तेज गिरावट देखने को मिल सकती है। उन्होंने निवेशकों को सलाह दी कि केवल तेजी देखकर निर्णय नहीं लेना चाहिए, बल्कि जोखिमों का भी आकलन करना आवश्यक है।
एआई रैली पर उठाए सवाल
माइकल बरी ने लंबे समय से एआई क्षेत्र में आई तेजी पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में बड़े निवेश का एक हिस्सा ऐसे वित्तीय ढांचे पर आधारित है, जो हमेशा टिकाऊ नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि बाजार में उतार-चढ़ाव कम होने से कई फंड अधिक निवेश कर रहे हैं, जिससे तेजी बढ़ रही है। बरी के अनुसार, यही स्थिति भविष्य में बाजार को अस्थिर बना सकती है और अचानक बिकवाली का कारण बन सकती है।
इन कंपनियों पर लगाया दांव
बरी ने खुलासा किया कि उन्होंने कई प्रमुख कंपनियों और सेक्टरों के खिलाफ शॉर्ट पोजिशन ले रखी है। इनमें एनवीडिया, टेस्ला, पलांटिर, माइक्रोन, कैटरपिलर, एप्लाइड मैटेरियल्स और आईशेयर्स सेमीकंडक्टर ईटीएफ शामिल हैं। उनका कहना है कि इन निवेशों के प्रति उनका दीर्घकालिक दृष्टिकोण अब भी नकारात्मक है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि बाजार उनकी अपेक्षाओं के विपरीत मजबूत होता है, तो वे नुकसान सीमित करने के लिए अपनी रणनीति में बदलाव कर सकते हैं।
निवेशकों के लिए क्या है संदेश
माइकल बरी ने स्पष्ट किया कि शॉर्ट सेलिंग हर निवेशक के लिए उपयुक्त रणनीति नहीं होती। उनके अनुसार, केवल अनुभवी निवेशक ही इस तरह के जोखिम उठा सकते हैं। उन्होंने निवेशकों को सलाह दी कि केवल बाजार की तेजी देखकर निवेश करने के बजाय कंपनियों के वास्तविक प्रदर्शन, आर्थिक परिस्थितियों और संभावित जोखिमों का मूल्यांकन करें। उनका मानना है कि सतर्क और संतुलित निवेश रणनीति ही लंबे समय में बेहतर परिणाम दे सकती है।