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मुंबई में महंगाई का नया दौर: ऑटो-टैक्सी और गैस के दामों में भारी वृद्धि

मुंबई में 1 सितंबर से महंगाई का नया दौर शुरू हो गया है, जिसमें ऑटो-टैक्सी और गैस के दामों में भारी वृद्धि हुई है। महानगर गैस लिमिटेड ने रसोई गैस और सीएनजी की कीमतें बढ़ा दी हैं, जिससे आम नागरिकों पर आर्थिक दबाव बढ़ेगा। ऑटो-रिक्शा का न्यूनतम किराया 27 रुपये और काली-पीली टैक्सी का 33 रुपये हो गया है। इस बदलाव का सीधा असर 13 लाख वाहन चालकों और 30 लाख घरेलू उपभोक्ताओं पर पड़ेगा। जानें इस स्थिति का क्या प्रभाव पड़ेगा।
 

महंगाई का असर: मुंबई में किराए में वृद्धि


नई दिल्ली: 1 सितंबर से मुंबई और उसके आस-पास के क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों को एक महत्वपूर्ण आर्थिक झटका लगा है। महंगाई का यह प्रभाव उनके घरेलू बजट से लेकर दैनिक यात्रा तक महसूस किया जाएगा। महानगर गैस लिमिटेड (MGL) ने रसोई में उपयोग होने वाली पीएनजी और वाहनों के लिए सीएनजी की कीमतों में वृद्धि की है, जबकि मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) में ऑटो-रिक्शा और काली-पीली टैक्सी की सवारी भी महंगी हो गई है। यह किराया लगभग 18 महीने के लंबे अंतराल के बाद संशोधित किया गया है।


ऑटो और टैक्सी के नए किराए

अब मुंबई में ऑटो-रिक्शा का न्यूनतम किराया 26 रुपये से बढ़कर 27 रुपये हो गया है, जबकि काली-पीली टैक्सी का प्रारंभिक किराया 31 रुपये से बढ़कर 33 रुपये हो गया है। दूरी के अनुसार, टैक्सी का प्रति किलोमीटर किराया 20.66 रुपये से बढ़कर 21.90 रुपये हो गया है। इसी तरह, ऑटो रिक्शा का प्रति किलोमीटर दर अब 17.14 रुपये से बढ़कर 18.22 रुपये हो गया है।


गैस कंपनियों द्वारा दामों में वृद्धि

महानगर गैस ने सोमवार को नई कीमतों की घोषणा की। अब मुंबई और उसके आस-पास के क्षेत्रों में सीएनजी की कीमत 2 रुपये प्रति किलो बढ़कर 88 रुपये हो गई है। वहीं, घरों में पाइप के माध्यम से पहुंचने वाली कुकिंग गैस (PNG) के दाम में 1 रुपये प्रति एससीएम की वृद्धि हुई है। कंपनी ने इस वृद्धि का मुख्य कारण पश्चिम एशिया में चल रहे कूटनीतिक और सैन्य तनाव को बताया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में एलएनजी की कीमतें बढ़ रही हैं, जिससे कंपनी को महंगी दर पर स्पॉट आरएलएनजी आयात करनी पड़ रही है। इस निर्णय का सीधा प्रभाव मुंबई, ठाणे, रायगढ़, रत्नागिरी, लातूर और धाराशिव के साथ-साथ कर्नाटक के चित्रदुर्ग में रहने वाले लगभग 13 लाख वाहन चालकों और 30 लाख घरेलू पीएनजी उपभोक्ताओं पर पड़ेगा।


मीटर कैलिब्रेशन के लिए तीन महीने की मोहलत

लगभग साढ़े चार लाख ऑटो और 50 हजार से अधिक टैक्सी चालकों के लिए आरटीओ ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। ड्राइवरों को अपने वाहनों के इलेक्ट्रॉनिक मीटर को नई दरों के अनुसार अपडेट करने के लिए नवंबर के अंत तक तीन महीने की मोहलत दी गई है। जब तक मीटर कैलिब्रेट नहीं होते, तब तक चालक आरटीओ द्वारा स्वीकृत आधिकारिक किराया तालिका (टैरिफ कार्ड) दिखाकर बढ़ा हुआ किराया वसूल कर सकते हैं। निर्धारित समय सीमा में मीटर अपडेट न कराने वाले चालकों पर जुर्माना लगाया जाएगा। गैस की कीमतों में वृद्धि और परिवहन महंगा होने से आम मुंबईकर की दैनिक जिंदगी पर दबाव बढ़ने की संभावना है।