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मुंबई स्टॉक एक्सचेंज में भारी गिरावट, निवेशकों में चिंता का माहौल

मुंबई स्टॉक एक्सचेंज में आज भारी गिरावट देखने को मिली, जिसमें सेंसेक्स 1,710 अंक और निफ्टी 477 अंक नीचे आया। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने कच्चे तेल की कीमतों को 19 महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंचा दिया है, जिससे वैश्विक बाजारों में हलचल मच गई है। निवेशकों के बीच डर का माहौल है, और बिकवाली का दबाव बढ़ता जा रहा है। जानें इस गिरावट के पीछे के कारण और इसके संभावित प्रभावों के बारे में।
 

बाजार में गिरावट का कारण


मुंबई स्टॉक एक्सचेंज आज सुबह लाल निशान में खुला। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने कच्चे तेल की कीमतों को 19 महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंचा दिया, जिससे वैश्विक बाजारों में हलचल मच गई। सेंसेक्स 1,710 अंक गिरकर 78,529 पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 477 अंक की गिरावट के साथ 24,389 के स्तर पर आ गया। पिछले सत्र में सेंसेक्स 80,239 और निफ्टी 24,866 पर बंद हुआ था। मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में भी 1.7 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई है। निवेशकों के बीच डर का माहौल है और बिकवाली का दबाव बढ़ता जा रहा है।


बाजार की शुरुआत में भारी बिकवाली

सेंसेक्स के 30 शेयरों में से केवल बीईएल, इंफोसिस और टीसीएस हरे निशान में खुले, जिसमें बीईएल 1.07 प्रतिशत बढ़ा। वहीं, लार्सन एंड टुब्रो में 5.84 प्रतिशत की गिरावट आई। प्रमुख शेयर जैसे इंडिगो, एचडीएफसी बैंक, टाटा स्टील और अदानी पोर्ट्स में भी भारी गिरावट देखी गई। एनएसई पर शुरुआती कारोबार में 2,211 शेयर लाल निशान में थे, जबकि केवल 261 हरे और 77 स्थिर रहे। बाजार की चौड़ाई पूरी तरह से नकारात्मक नजर आ रही है।


गिफ्ट निफ्टी का नकारात्मक संकेत

गिफ्ट निफ्टी ने भी नकारात्मक शुरुआत का संकेत दिया, यह 403 अंक गिरकर 24,590 पर खुला, जबकि इसका पिछला बंद स्तर 24,993 था। सोमवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने 3,296 करोड़ रुपये की बिकवाली की। हालांकि, घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 8,594 करोड़ रुपये से अधिक की खरीदारी की, जिससे बाजार को कुछ सहारा मिला, लेकिन वैश्विक दबाव के आगे यह कमजोर साबित हुआ।


एशियाई बाजारों में भी गिरावट

एशियाई शेयर बाजार अमेरिकी बाजार की गिरावट और तेल की कीमतों में वृद्धि से बुरी तरह प्रभावित हुए। जापान का निक्केई 2,450 अंक यानी 4.35 प्रतिशत गिरकर 53,829 पर आ गया। हांगकांग का हैंग सेंग 791 अंक नीचे रहा, दक्षिण कोरिया का कोस्पी 649 अंक गिरा और शंघाई कंपोजिट 59 अंक यानी 1.43 प्रतिशत लुढ़का। वैश्विक स्तर पर निवेशक जोखिम से दूर भाग रहे हैं।


कच्चे तेल की कीमतों का प्रभाव

अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण कच्चा तेल 19 महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है, जिससे महंगाई की आशंका बढ़ गई है। भारतीय बाजार में ऊर्जा, धातु और परिवहन से जुड़े शेयर सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं। निवेशक अब सुरक्षित निवेश की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे बाजार में और गिरावट की संभावना बनी हुई है।