मेक इन इंडिया: भारत की निर्माण क्षमता में अभूतपूर्व वृद्धि
भारत की निर्माण क्षमता में बदलाव
भारत में दशकों से यह धारणा रही है कि देश केवल आयात पर निर्भर है, चाहे वह चीन, अमेरिका, कोरिया या जापान से हो। लेकिन अब स्थिति बदल रही है। मेक इन इंडिया पहल के 12 साल पूरे होने के साथ, भारत ने अपनी निर्माण क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि की है।
मेक इन इंडिया की शुरुआत
इस पहल की शुरुआत 25 सितंबर 2014 को हुई थी, और तब से देश के विभिन्न क्षेत्रों में उत्पादन में काफी वृद्धि हुई है। केंद्र सरकार ने बताया है कि इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल, फार्मा, स्टील, रेलवे और रक्षा जैसे क्षेत्रों में उत्पादन में उल्लेखनीय प्रगति हुई है।
उत्पादन में वृद्धि के आंकड़े
मेक इन इंडिया अब अपने दूसरे चरण में है, जिसमें 27 सेक्टर शामिल हैं। रिपोर्ट के अनुसार, कंस्ट्रक्शन सेक्टर में 2022 से 2026 के बीच औसतन 11% की वृद्धि हुई है।
इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में प्रगति
इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में 2014-15 में उत्पादन 1.9 लाख करोड़ रुपये था, जो 2025-26 में बढ़कर 13.11 लाख करोड़ रुपये हो गया है।
मोबाइल फोन निर्माण में वृद्धि
भारत में मोबाइल फोन का उत्पादन 18 हजार करोड़ रुपये से बढ़कर 6.27 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।
ऑटोमोबाइल क्षेत्र की स्थिति
2024-25 में भारत ने 3.10 करोड़ गाड़ियां बनाई, जो 2014-15 की तुलना में 33% अधिक है।
फार्मा क्षेत्र में उपलब्धियां
भारत अब मात्रा के हिसाब से तीसरे और वैल्यू के हिसाब से 11वें स्थान पर है। 2024-25 में इस क्षेत्र का टर्नओवर 4,71,898 करोड़ रुपये रहा।
स्टील उत्पादन में वृद्धि
स्टील उत्पादन 2014-15 के 81.7 मिलियन टन से बढ़कर 2025-26 में 170 मिलियन टन तक पहुंच गया है।
दुनिया में भारत की दवाइयां
भारत अब जटिल और आधुनिक तकनीक वाले उत्पाद भी बना रहा है, जैसे कि ब्रेस्ट कैंसर के लिए बायोसिमिलर दवा।
रेयर अर्थ मैग्नेट में प्रगति
मार्च 2026 में हैदराबाद में नियोडिमियम-आयरन-बोरॉन मैग्नेट का पायलट प्लांट स्थापित किया गया है।
विमान निर्माण में भारत की उपलब्धियां
हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड ने तेजस एमके1ए लड़ाकू विमान की तीसरी असेंबली लाइन शुरू की है।
रेलवे के लिए निर्माण
रेल व्हील फैक्ट्री ने 2025-26 में 2,10,026 पहिए बनाए, जो पिछले साल से 4% अधिक है।
मेक इन इंडिया की गति
भारी इंजीनियरिंग उपकरणों का उत्पादन 2019-20 के 2,87,233 करोड़ रुपये से बढ़कर 2024-25 में 5,69,900 करोड़ रुपये हो गया है।
भारत में विदेशी निवेश
भारत में 2014-15 से 2025-26 के बीच कुल FDI 843 अरब डॉलर तक पहुंच गया है।
सरकार की नई योजनाएं
सरकार ने हाल ही में कई नई योजनाएं शुरू की हैं, जैसे कि स्पेशल स्टील और रेयर अर्थ मैग्नेट के लिए योजनाएं।