युवाओं के लिए बैंकिंग सेवाओं में सुधार की आवश्यकता: वित्त मंत्री का संदेश
युवाओं की अपेक्षाओं को समझने की आवश्यकता
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (पीएसबी) से आग्रह किया कि वे युवाओं, विशेषकर 'जेन जी' की आवश्यकताओं के अनुरूप अपनी सेवाओं को सरल और व्यक्तिगत बनाएं। उन्होंने बैंकों को चौबीसों घंटे उपलब्धता सुनिश्चित करने और युवाओं के बीच 'सरकारी बैंक' की छवि को सुधारने पर जोर दिया। सीतारमण ने दो दिवसीय 'पीएसबी कॉन्फ्लूएंस' के समापन सत्र में कहा कि बैंकों को युवाओं के साथ सीधा संवाद करना चाहिए ताकि उनकी अपेक्षाओं को समझा जा सके और बैंकिंग को उनके लिए अधिक आकर्षक बनाया जा सके।
बैंकिंग में सतर्कता और गंभीरता
उन्होंने यह भी कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की छवि अब भी 'सरकारी बैंक' के रूप में बनी हुई है, जबकि युवा ग्राहक निजी बैंकों को अधिक आकर्षक मानते हैं। सीतारमण ने हाल में युवाओं के साथ हुई बातचीत का उल्लेख करते हुए कहा कि कई युवाओं ने निजी बैंकों को 'कूल' मानते हुए उन्हें खाता खोलने के लिए प्राथमिकता दी।
युवाओं के बीच बैंकिंग को आकर्षक बनाना
सीतारमण ने सुझाव दिया कि बैंकों को युवाओं के बीच जाकर उनकी आवश्यकताओं को समझना चाहिए, बजाय इसके कि वे केवल शाखाओं में आने का इंतजार करें। कॉलेज, विश्वविद्यालय और कौशल विकास संस्थान जैसे स्थान बैंक खाता खोलने और वित्तीय जागरूकता के लिए महत्वपूर्ण हो सकते हैं।
‘बैंकिंग फॉर यूथ’ अभियान की शुरुआत
उन्होंने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों से 2 अक्टूबर, 2026 से 'बैंकिंग फॉर यूथ' अभियान शुरू करने का अनुरोध किया, जिसमें 16 वर्ष से अधिक आयु के युवाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। सीतारमण ने कहा कि सभी 12 सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को युवाओं को आकर्षित करने के लिए अलग-अलग रणनीतियाँ बनानी चाहिए।
दीर्घकालिक बैंकिंग संबंध बनाने की आवश्यकता
उन्होंने कहा कि उद्देश्य केवल एक बार खाता खोलने तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि दीर्घकालिक बैंकिंग संबंध बनाने का होना चाहिए। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक युवाओं की पहली और सबसे भरोसेमंद पसंद बनने चाहिए।
युवाओं के लिए वित्तीय जागरूकता
सीतारमण ने कहा कि भारत की युवा आबादी उपभोग, बचत, निवेश और उद्यमिता के तरीकों को तेजी से प्रभावित करेगी। उन्होंने बैंकों को सुझाव दिया कि वे प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों के सहयोग से मुफ्त ऑनलाइन सीखने की सामग्री उपलब्ध कराएं।
ऋण व्यवस्था के बारे में जागरूकता बढ़ाना
उन्होंने युवाओं में औपचारिक ऋण व्यवस्था के बारे में जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया, जिसमें क्रेडिट स्कोर और विभिन्न बैंक ऋण उत्पादों की जानकारी शामिल है। इससे युवाओं को भविष्य में उद्यम शुरू करने में मदद मिलेगी।
बैंकिंग जागरूकता के लिए समर्पित पोर्टल
सीतारमण ने भारतीय बैंक संघ से युवाओं के लिए बैंकिंग जागरूकता के लिए एक समर्पित पोर्टल शुरू करने की संभावना पर विचार करने को कहा। यह पोर्टल युवाओं को उनकी आवश्यकताओं के अनुसार बैंकिंग सेवाओं और वित्तीय अवसरों की जानकारी प्रदान कर सकता है।