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यूरोप के चार देशों का भारत में 100 अरब डॉलर का निवेश: पीयूष गोयल

केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को घोषणा की कि यूरोप के चार देशों ने भारत में 100 अरब डॉलर के निवेश का आश्वासन दिया है। इस निवेश से भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और लगभग 10 लाख नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। इसके अलावा, भारत और ब्रिटेन के बीच मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) भी जल्द लागू होने की संभावना है। गोयल ने इस समझौते के महत्व पर जोर दिया और इसे दोनों देशों के बीच सहयोग को दर्शाने वाला बताया।
 

भारत में रोजगार के नए अवसर


केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि इससे देश में 10 लाख रोजगार के अवसर पैदा होंगे।


केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को बताया कि भारत में जल्द ही महत्वपूर्ण निवेश की उम्मीद है। इससे न केवल देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी उत्पन्न होंगे। गोयल ने जानकारी दी कि यूरोप के चार देशों ने भारत में 100 अरब डॉलर के निवेश का आश्वासन दिया है।


उन्होंने बताया कि ईएफटीए के चार देशों, जिनमें स्विट्जरलैंड, नॉर्वे, लिकटेंस्टाइन और आइसलैंड शामिल हैं, ने इस समझौते के तहत भारत में 100 अरब डॉलर निवेश करने का वादा किया है। इस निवेश से भारत की अर्थव्यवस्था में लगभग 10 लाख नए रोजगार सृजित होने की संभावना है। गोयल ने कहा कि यह समझौता विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें मुक्त व्यापार समझौते के साथ कानूनी रूप से बाध्यकारी निवेश प्रतिबद्धता भी शामिल है, जो वैश्विक व्यापार समझौतों में एक अनूठा पहलू है।


भारत और ब्रिटेन के बीच एफटीए की प्रगति

भारत और ब्रिटेन में भी जल्द लागू होगा एफटीए


भारत और ब्रिटेन के बीच मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) जल्द ही लागू होने की संभावना है। गोयल ने बताया कि ब्रिटेन में इस समझौते को मंजूरी देने की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। उन्होंने एसोचैम द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से कहा कि भारत-ब्रिटेन व्यापार समझौता तेजी से आगे बढ़ रहा है और यह ब्रिटेन की संसद द्वारा सबसे तेजी से मंजूर किए जाने वाले व्यापार समझौतों में से एक बन सकता है।


समझौते का महत्व

दोनों देशों के लिए बहुत अहम है समझौता


गोयल ने बताया कि यह समझौता 24 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ब्रिटेन यात्रा के दौरान चेकर्स में हस्ताक्षरित किया गया था। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह समझौता जल्द ही लागू हो जाएगा। मंत्री ने कहा कि इस समझौते की प्रगति दोनों देशों के बीच सहयोग को दर्शाती है और लंदन में भारतीय राजनयिक टीम के प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने भारत-ईएफटीए व्यापार समझौते के महत्व पर भी जोर दिया और इसे यूरोप के साथ भारत के आर्थिक संबंधों में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया।