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योगी आदित्यनाथ की जापान यात्रा: निवेश और औद्योगिक सहयोग को बढ़ावा

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जापान की राजधानी टोक्यो में औद्योगिक सहयोग और निवेश को बढ़ावा देने के लिए यात्रा की। इस यात्रा के दौरान, उन्होंने विभिन्न कंपनियों के साथ बैठकें कीं और उत्तर प्रदेश को एक प्रमुख वैश्विक निवेश स्थल के रूप में स्थापित करने के लिए रणनीतियाँ साझा कीं। जानें इस यात्रा के प्रमुख बिंदुओं और योजनाओं के बारे में।
 

मुख्यमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बुधवार को जापान की राजधानी टोक्यो में भव्य स्वागत किया गया। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य निवेश को आकर्षित करना और औद्योगिक सहयोग को मजबूत करना है।


मुख्यमंत्री का स्वागत यामानाशी प्रीफेक्चर के उप-राज्यपाल जुनिची इशिडेरा और भारतीय समुदाय के सदस्यों ने किया।


दूतावास का स्वागत संदेश

भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए जानकारी साझा की। यह आदित्यनाथ की जापान की पहली यात्रा है। इससे पहले, सिंगापुर यात्रा के दौरान, उन्होंने राज्य के लिए लगभग 6000 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त किए थे।


अधिकारियों ने बताया कि इन यात्राओं का उद्देश्य उत्तर प्रदेश को एक प्रमुख वैश्विक निवेश स्थल के रूप में स्थापित करना और रणनीतिक तथा आर्थिक संबंधों को मजबूत करना है।


बैठक और चर्चा

राज्य सरकार द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, टोक्यो पहुंचने के तुरंत बाद, मुख्यमंत्री ने कोनोइक ट्रांसपोर्ट कंपनी लिमिटेड के वरिष्ठ कार्यकारी के साथ बैठक की। इस बैठक में वरिष्ठ प्रबंध कार्यकारी अधिकारी शिगेकी तनाबे भी शामिल थे।


मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश में लॉजिस्टिक्स पार्क, गोदाम और मल्टीमोडल ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर में कंपनी की भागीदारी बढ़ाने पर चर्चा की।


भविष्य की योजनाएँ

बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री मित्सुई एंड कंपनी के इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स बिजनेस यूनिट के मुख्य परिचालन अधिकारी काजुकी शिमिजु और अन्य वरिष्ठ प्रतिनिधियों के साथ बैठक करेंगे।


इस बैठक में मोटर वाहन और इलेक्ट्रॉनिक क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं पर भी चर्चा की जाएगी।


व्यापार और निवेश पर जोर

अधिकारियों ने बताया कि व्यापार और निवेश साझेदारी को बढ़ावा देने के लिए जापान के एक्सटर्नल ट्रेड ऑर्गनाइजेशन के चेयरमैन इशिगुरो नोरिहिको के साथ भी एक बैठक प्रस्तावित है।


इस दौरान, मुख्यमंत्री एक मुख्य भाषण देंगे जिसमें वह राज्य की औद्योगिक नीति, बुनियादी ढांचे पर जोर और उत्तर प्रदेश को 1000 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य का उल्लेख करेंगे।