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योगी आदित्यनाथ ने गेहूं खरीद में किसानों को दी बड़ी राहत

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किसानों के लिए गेहूं खरीद में एक महत्वपूर्ण बदलाव किया है। अब किसान बिना पंजीकरण के सरकारी खरीद केंद्रों पर अपना गेहूं बेच सकेंगे। यह निर्णय किसानों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, जिससे उन्हें बिचौलियों को कम दाम पर गेहूं बेचने की मजबूरी से राहत मिलेगी। मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को इस आदेश को तुरंत लागू करने का निर्देश दिया है। जानें इस फैसले के पीछे की वजह और किसानों के लिए क्या सुविधाएं सुनिश्चित की गई हैं।
 

मुख्यमंत्री का नया आदेश

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किसानों के लिए गेहूं खरीद प्रक्रिया में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। अब किसान बिना पंजीकरण के भी सरकारी खरीद केंद्रों पर अपना गेहूं बेच सकेंगे। यह जानकारी सोमवार को एक आधिकारिक बयान में दी गई।


बयान में बताया गया है कि किसानों को हो रही कठिनाइयों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने यह निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को इस आदेश को तुरंत लागू करने के निर्देश दिए हैं।


पंजीकरण की बाधा समाप्त

इस वर्ष गेहूं खरीद के लिए किसानों के लिए 'फार्मर रजिस्ट्री' अनिवार्य की गई थी। कई किसान पंजीकरण न होने या तकनीकी समस्याओं के कारण सरकारी केंद्रों पर अपना गेहूं नहीं बेच पा रहे थे। इससे किसानों में असंतोष बढ़ गया था और उन्हें बिचौलियों को कम दाम पर गेहूं बेचना पड़ रहा था।


किसानों की समस्याओं को देखते हुए मुख्यमंत्री ने तुरंत हस्तक्षेप किया। नए आदेश के अनुसार, अब किसान बिना रजिस्ट्री के भी सरकारी खरीद केंद्रों पर गेहूं बेच सकेंगे।


किसानों की सुविधाओं का ध्यान

मुख्यमंत्री ने यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि क्रय केंद्रों पर आने वाले किसानों को किसी भी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े। गर्मी को देखते हुए सभी केंद्रों पर किसानों के लिए पानी, पंखा, छाजन और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की जानी चाहिए।


खाद्य और रसद विभाग के अनुसार, 20 अप्रैल को दोपहर 11 बजे तक 42,000 से अधिक किसानों से 2.38 लाख टन गेहूं की खरीद की जा चुकी है। अब तक 4.77 लाख से अधिक किसानों ने गेहूं बिक्री के लिए पंजीकरण कराया है और प्रदेश में 5,400 से अधिक खरीद केंद्र स्थापित किए जा चुके हैं।