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राजस्थान में आधारभूत सुविधाओं का अभूतपूर्व विकास: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राज्य में आधारभूत सुविधाओं के अभूतपूर्व विकास की जानकारी दी। उन्होंने प्रवासी राजस्थानियों से अपील की कि वे अपनी मातृभूमि में निवेश करें और विकास में योगदान दें। शर्मा ने आगामी प्रवासी राजस्थानी सम्मेलन में भाग लेने के लिए भी आमंत्रित किया। जानें राज्य के विकास और प्रवासी समुदाय की भूमिका के बारे में अधिक जानकारी।
 

मुख्यमंत्री का बयान

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शुक्रवार को बताया कि राज्य में आधारभूत सुविधाओं का अभूतपूर्व विस्तार हो रहा है। प्रवासी राजस्थानियों के साथ बातचीत में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में यह विकास संभव हो रहा है। जल उपलब्धता को बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण अंतरराज्यीय जल समझौतों को लागू किया जा रहा है, जिनमें राम जलसेतु लिंक परियोजना, यमुना जल समझौता, नर्मदा समझौता और किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजनाएं शामिल हैं।


सुविधाओं का विस्तार

आवागमन को सुगम बनाने के लिए नौ नए एक्सप्रेस-वे और हवाई संपर्क का विस्तार भी किया जा रहा है। शर्मा ने कहा कि प्रवासी राजस्थानी राज्य की समृद्ध संस्कृति और विरासत के वैश्विक ब्रांड एंबेसडर हैं। उनकी मेहनत और उद्यमशीलता ने राजस्थान का नाम रोशन किया है।


प्रवासी राजस्थानियों का योगदान

उन्होंने कहा कि 'पधारो म्हारे देश' के साथ 'पधारो थारे देश' की भावना को भी आगे बढ़ाना है, ताकि प्रवासी राजस्थानी अपनी मातृभूमि में लौटकर विकास में योगदान दें। राजस्थान फाउंडेशन प्रवासी राजस्थानियों को सामाजिक गतिविधियों और निवेश के अवसरों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।


निवेश के अवसर

मुख्यमंत्री ने प्रवासी राजस्थानियों से अपील की कि वे अपनी मातृभूमि में निवेश करें, जिससे रोजगार सृजन, औद्योगिक विकास और स्थानीय युवाओं के लिए नए अवसर तैयार हों। उन्होंने आगामी 10 दिसंबर को होने वाले प्रवासी राजस्थानी सम्मेलन में भाग लेने के लिए भी आमंत्रित किया।


राजस्थान फाउंडेशन का विस्तार

मुख्यमंत्री ने राजस्थान फाउंडेशन के विस्तार के तहत 11 नए चैप्टर शुरू करने की घोषणा की। इनमें रायपुर, लखनऊ, पटना, सिलीगुड़ी, पणजी और विशाखापत्तनम के चैप्टर शामिल हैं, साथ ही अमेरिका, स्विट्जरलैंड, इटली और आयरलैंड में भी चैप्टर स्थापित किए जाएंगे। इसके साथ ही, राजस्थान फाउंडेशन के संचालित चैप्टर्स की संख्या 40 से बढ़कर 51 हो जाएगी।