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राज्यों ने केंद्र से 2026-27 के बजट में अतिरिक्त संसाधनों की मांग की

पंजाब और तेलंगाना ने केंद्र सरकार से 2026-27 के बजट में अतिरिक्त संसाधनों की मांग की है। उन्होंने मनरेगा में प्रस्तावित बदलावों पर चिंता जताई है, जो रोजगार की गारंटी को कमजोर कर सकते हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में हुई बजट पूर्व बैठक में विभिन्न राज्यों के वित्त मंत्रियों ने भाग लिया। पंजाब ने विशेष वित्तीय पैकेज की भी मांग की है। जानें इस मुद्दे पर और क्या कहा गया।
 

राज्यों की वित्तीय मांगें

शनिवार को विपक्ष शासित राज्यों, जैसे पंजाब और तेलंगाना, ने केंद्र सरकार से 2026-27 के बजट में अतिरिक्त वित्तीय संसाधनों की अपील की। उनका कहना है कि प्रस्तावित विकसित भारत - जी राम जी योजना के तहत लागत साझेदारी का अनुपात 60:40 होने से राज्यों पर वित्तीय दबाव बढ़ेगा।


बजट पूर्व बैठक का आयोजन

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के वित्त मंत्रियों के साथ बजट पूर्व बैठक की। इस बैठक में मणिपुर के राज्यपाल, दिल्ली, गोवा, हरियाणा, जम्मू और कश्मीर, मेघालय और सिक्किम के मुख्यमंत्रियों के साथ-साथ अरुणाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, ओडिशा, राजस्थान और तेलंगाना के उपमुख्यमंत्रियों ने भाग लिया।


मनरेगा में प्रस्तावित बदलाव

इस बैठक में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी भी उपस्थित थे। विपक्ष शासित राज्यों ने मनरेगा में प्रस्तावित बदलावों पर चिंता व्यक्त की, यह कहते हुए कि इससे रोजगार की गारंटी कमजोर होगी और यह सहकारी संघवाद की भावना के खिलाफ है।


वीबी-जी राम जी योजना का प्रभाव

पिछले महीने संसद ने विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) यानी वीबी-जी राम जी विधेयक को पारित किया था, जिसने 20 साल पुराने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को प्रतिस्थापित किया। इस योजना के तहत, लागत का 60 प्रतिशत केंद्र और 40 प्रतिशत राज्य उठाएंगे, जबकि मनरेगा के तहत यह अनुपात 90:10 था।


पंजाब और तेलंगाना के वित्त मंत्रियों की प्रतिक्रिया

पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने मनरेगा के ढांचे में प्रस्तावित बदलावों पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि नया मॉडल रोजगार गारंटी को कमजोर करेगा और राज्यों पर वित्तीय बोझ डालेगा। उन्होंने बजट पूर्व बैठक में मांग की कि मनरेगा के मूल मांग संचालित ढांचे और वित्त पोषण के तरीके को बहाल किया जाए।


तेलंगाना के वित्त मंत्री की चिंताएं

तेलंगाना के वित्त मंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क ने कहा कि केंद्र सरकार ने राज्यों से परामर्श किए बिना वीबी-जी राम जी योजना को लागू किया है। उन्होंने बताया कि नए अधिनियम में योजना के वित्त पोषण के तरीके को 90:10 से बदलकर 60:40 कर दिया गया है, जिससे राज्यों के सीमित संसाधनों पर और बोझ पड़ा है।


विशेष वित्तीय पैकेज की मांग

इसके अतिरिक्त, पंजाब ने सीमा पर तनाव और 2025 में आई बाढ़ के कारण केंद्र सरकार से विशेष वित्तीय पैकेज की भी मांग की।