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रिटायरमेंट के लिए सुरक्षित निवेश के विकल्प: पीपीएफ, ईपीएफ और एनपीएस

रिटायरमेंट के बाद आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सही निवेश योजना बनाना आवश्यक है। इस लेख में, हम पीपीएफ, ईपीएफ और एनपीएस जैसे सुरक्षित निवेश विकल्पों की चर्चा करेंगे। ये योजनाएं न केवल बेहतर ब्याज दरें प्रदान करती हैं, बल्कि टैक्स छूट का भी लाभ देती हैं। जानें कि कैसे आप इन योजनाओं का लाभ उठाकर अपनी वित्तीय स्थिति को मजबूत कर सकते हैं।
 

रिटायरमेंट की योजना बनाना


नई दिल्ली: रिटायरमेंट के बाद वित्तीय संकट से बचने के लिए सही योजना बनाना अत्यंत आवश्यक है। महंगाई में वृद्धि, स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थितियों और जीवनशैली में बदलाव को ध्यान में रखते हुए सुरक्षित निवेश की आवश्यकता होती है। सरकार द्वारा संचालित पब्लिक प्रोविडेंट फंड (पीपीएफ), एम्प्लॉइज प्रोविडेंट फंड (ईपीएफ) और नेशनल पेंशन स्कीम (एनपीएस) ऐसे विकल्प हैं जो बैंक की एफडी से अधिक ब्याज प्रदान करते हैं और टैक्स में छूट भी देते हैं।


पीपीएफ: सुरक्षित निवेश का भरोसेमंद जरिया

पीपीएफ एक सरकारी बचत योजना है, जिसमें निवेश, मैच्योरिटी राशि और ब्याज पर टैक्स छूट मिलती है। इसे ईईई (EEE) बेनिफिट कहा जाता है। इस तिमाही में इस पर 7.1% की ब्याज दर लागू है। यह योजना डाकघरों और सार्वजनिक बैंकों जैसे एसबीआई, कैनरा बैंक, पीएनबी के अलावा कुछ निजी बैंकों में भी खोली जा सकती है।


पीपीएफ में निवेश और टैक्स लाभ

पीपीएफ खाते में न्यूनतम 100 से 500 रुपये मासिक जमा करना आवश्यक है। खाता खोलने के लिए आधार कार्ड, पते का प्रमाण और फोटो जैसे दस्तावेजों की आवश्यकता होती है। इसे ऑनलाइन बैंकिंग के माध्यम से भी खोला जा सकता है। पुरानी टैक्स व्यवस्था के तहत धारा 80सी के तहत सालाना 1.5 लाख रुपये तक का निवेश टैक्स फ्री है, जबकि नई व्यवस्था में यह सुविधा उपलब्ध नहीं है।


ईपीएफ: नौकरीपेशा लोगों की पेंशन योजना

ईपीएफ कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) द्वारा संचालित होता है। यह योजना केवल नौकरीपेशा लोगों के लिए है। जिनका मूल वेतन और महंगाई भत्ता 15 हजार रुपये तक है, उनके लिए यह अनिवार्य है। इससे अधिक वेतन वाले लोग स्वैच्छिक योगदान कर सकते हैं। वर्तमान में ईपीएफ पर 8.25% ब्याज मिल रहा है।


ईपीएफ में टैक्स छूट और नियम

पुरानी टैक्स व्यवस्था में कर्मचारी के 1.5 लाख रुपये सालाना योगदान पर धारा 80सी में छूट मिलती है। नियोक्ता के 12% योगदान (7.5 लाख से कम पर) पर दोनों व्यवस्थाओं में छूट है। कर्मचारी के जमा ब्याज पर 2.5 लाख रुपये तक टैक्स नहीं लगता। नियोक्ता के योगदान पर मिलने वाला ब्याज भी पूरी तरह टैक्स फ्री है।


एनपीएस: बाजार से जुड़ी पेंशन योजना

एनपीएस 18 से 70 साल के सभी नागरिकों (सेना को छोड़कर) के लिए खुला है। इसमें दो प्रकार के खाते होते हैं। टियर-1 में न्यूनतम 500 रुपये जमा करना होता है और निकासी पर कुछ पाबंदियां होती हैं। धारा 80सीसीडी के तहत इसमें 2 लाख रुपये तक टैक्स छूट मिलती है। टियर-2 के लिए टियर-1 खाता होना आवश्यक है। एनपीएस एक बाजार से जुड़ी योजना है, जिसमें एलोकेशन के अनुसार 9-12% तक रिटर्न मिल सकता है।